लखीमपुर खीरी। सरकारी गेहूं खरीद के लिए एक अप्रैल से क्रय केंद्र खोले गए हैं, लेकिन अधिकारियों के आदेश को धता बताते हुए करीब 40 से 50 प्रतिशत केंद्र प्रभारी अपने केंद्र नहीं खोले। यहां बैनर भी नहीं लगे मिले। हालांकि पहले दिन किसी भी क्रय केंद्र पर गेहूं की खरीद नहीं हो पाई।
जनपद में किसानों का गेहूं खरीदने के लिए कुल 139 क्रय केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं। कोरोना काल के चलते करीब एक साल से प्रतिमाह लोगों को दो बार गेहूं-चावल का वितरण किया जा रहा है, जिससे करीब छह माह पूर्व ही जनपद के गोदाम गेहूं से निल हो चुके हैं। लिहाजा पंजाब से गेहूं मंगाकर राशन की दुकानों के माध्यम से कार्ड धारकों को वितरण कराया जा रहा है।
क्रय केंद्रों पर किसानों से 2015 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जाएगा। मंडी समिति राजापुर में विभिन्न क्रय एजेंसियों के 16 क्रय केंद्र खोलने का प्रस्ताव है। इन क्रय केंद्रों को सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक यानी कुल नौ घंटे तक खोला जाना है। शुक्रवार को पहले दिन खाद्य विभाग के चार क्रय केंद्र सुबह नौ बजे खुले, लेकिन इन्हें व्यवस्थित करने का कार्य होता रहा। पीसीयू के दो क्रय केंद्र खुले हैं और पीसीएफ के भी दो क्रय केंद्र खुले। जबकि एफसीआई, यूपीएसएस के एक भी क्रय केंद्र सुबह 10 बजे तक नहीं खुले और न ही केंद्र प्रभारी मौके पर पहुंचे। इनके केंद्रों पर बैनर भी नहीं लगाए गए हैं। पीसीएफ के एक क्रय केंद्र पर बैनर टंगा मिला, लेकिन दुकान बंद थी और केंद्र प्रभारी नदारद थे। वहीं मंडी समिति ने विभागीय आदेशों का हवाला देते हुए गेहूं खरीद न करने का फैसला लिया है, जिससे इनके भी क्रय केंद्र नहीं खुले हैं और न ही खुलने की उम्मीद है। मंडी समिति के कुल छह क्रय केंद्र प्रस्तावित थे, जिससे 133 क्रय केंद्र ही रह गए हैं। वहीं एक और क्रय एजेंसी एसएफसी ने आठ क्रय केंद्र खोलने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन इनके क्रय केंद्रों को अभी डीएम द्वारा स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
क्रय केंद्रों की संख्या घटकर हुई 133
गेहूं खरीदने के लिए खाद्य विभाग के 21 क्रय केंद्र, एफसीआई और यूपीएसएस के तीन-तीन क्रय केंद्र, पीसीयू के 38 और पीसीएफ के 68 क्रय केंद्र खुलने हैं, जबकि मंडी समिति के छह केंद्र प्रस्तावित थे, जो अब नहीं खुलेंगे। इससे क्रय केंद्रों की संख्या घटकर 133 रह गई है, लेकिन एसएफसी के आठ क्रय केंद्र खोलने के प्रस्तावों को स्वीकृति मिलने पर केंद्रों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। यहां बता दें कि पिछली बार क्रय केंद्रों की संख्या 155 थी।
मंडी में पुराने गेहूं की आवक, समर्थन मूल्य के करीब आढ़तियों के भाव
इस वर्ष जनपद के गोदाम गेहूं से निकल हैं, जिससे सरकारी एजेंसियों पर भी गेहूं खरीदने का दबाव रहेगा। अभी मंडी में पुराने गेहूं की आवक हो रही है, जिसका मूल्य समर्थन मूल्य के बराबर पहुंच गया है। आढ़तियों द्वारा 2000 से 2050 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेेहूं खरीदा जा रहा है। इससे अनुमान है कि इस बार गेेहूं का रेट महंगा रहेगा। यदि आढ़तियों ने 2000 या इससे अधिक रेट में गेहूं खरीदा तो किसान नगद भुगतान के लिए आढ़तियों के पास ही गेहूं बेचेंगे। वहीं क्रय केंद्रों पर 2015 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित है। इसमें भी 20 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उतराई, छनाई के लिए किसानों को भुगतान करना होगा, जिससे उन्हें 1995 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्राप्त होंगे।
पहला दिन होने के कारण कुछ क्रय केंद्र देरी से खुले हैं। जनपद भर में करीब 100 से अधिक क्रय केंद्र खुल गए हैं, जो क्रय केंद्र नहीं खुले हैं, उनके केंद्र प्रभारियों व जिला प्रबंधकों को शोकाज नोटिस जारी किया जाएगा। अभी गेहूं की कटाई प्रारंभ न होने से आवक प्रारंभ नहीं हुई है। करीब एक सप्ताह बाद नए गेेहूं की आवक होने लगेगी। - लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
पहले दिन सन्नाटे में रहे कई खरीद केंद्र
पलियाकलां। पलिया में गेहूं खरीद के पहले दिन कोई किसान किसी सेंटर पर गेहूं लेकर नहीं पहुंचा, जिससे खरीद केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा।
पलिया क्षेत्र में छह गेहूं खरीद के सेंटर बनाए गए हैं। तीन सेंटर मंडी समिति, दो चंदनचौकी व एक विचित्रनगर में बनाया गया है। मंडी समिति में बनाए गए तीनों सेंटर पर शुक्रवार को सन्नाटा पसरा रहा। खाद्य विभाग के सेंटर पलिया द्वितीय के प्रभारी आदित्य सिंह ने बताया कि शुक्रवार से शासन के निर्देश पर खरीद शुरू कर दी गई है। गेहूं अभी ढंग से तैयार नहीं हुआ है, जिसके चलते शुरूआती दिनों में गेहूं खरीद कम होने का अनुमान है। संवाद