स्वास्थ्य विभाग ने नहीं लिया संज्ञान, दो माह में हो चुकी हैं तीन मौतें
सीएचसी प्रभारी लालजी पासी बोले, टीम गठित कर कराएंगे मामले की जांच
निघासन। सीएचसी में इलाज के दौरान टीबी के दो मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो गई। दो माह पहले भी एक मरीज की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही मौतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान नहीं लिया है। वहीं, मामले में सीएचसी प्रभारी लालजी पासी ने टीम गठित कर मामले की जांच की बात कही है।
जीत पुरवा निवासी उत्तम ने बताया कि उनके 40 वर्षीय चाचा शत्रोहन कुछ माह से बीमार थे। सीएचसी में जांच के दौरान उनमें टीबी के लक्षण निकले थे। इसी गांव के 45 वर्षीय प्रेमराज ने अपनी जांच कराई। उसको भी टीबी के लक्षण निकले। दोनों का स्वास्थ्य विभाग ने टीबी का कार्ड बनाकर इलाज चालू किया। आरोप है कि कार्ड बनाने और खाते में पैसा भेजने के लिए सीएचसी के एक कर्मचारी ने पैसा लिया और उसके बाद दवा दी थी।
बुधवार को अचानक दोनों की तबीयत बिगड़ी। परिवार वाले दोनों को लेकर सीएचसी पहुंचे। वहां पर इलाज के दौरान शत्रोहन की करीब दो बजे और प्रेमराज की करीब साढ़े तीन बजे मौत हो गई। परिवार वाले शवों को लेकर घर गए और उनका अंतिम संस्कार करा दिया।
मृतक प्रेमराज के बड़े भाई महेश ने बताया कि करीब दो माह पहले उनके छोटे भाई पुत्तू की भी टीबी की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। लगातार हो रही मौतों से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
टीबी के लक्षण मिलने के बाद मरीज का कार्ड बनाकर निशुल्क इलाज होता है। यदि कार्ड बनाने के लिए किसी से पैसा लिया गया है और इलाज में लापरवाही बरती गई है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- लालजी पासी, सीएचसी अधीक्षक