दुधवा का भ्रमण करते सैलानी। (फाइल फोटो)
रास्ते कट जाने के कारण नहीं हो पा रही गैंडा साइटिंग
पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क में कोरोना काल के बाद अब बाढ़ की वजह से गैंडा दर्शन पर रोक लग गई है। ऐसे में सैलानी गैंडा साइटिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
दुधवा नेशनल पार्क में कुल 42 गैंडा हैं। इसमें गैंडा पुर्नवास परियोजना फेज वन में जहां 36 वहीं फेज टू में छह गैंडे निवास करते हैं। इन गैंडों के दर्शन कराने के लिए पार्क प्रशासन द्वारा हाथियों से सैलानियों को गैंडा पुनर्वास परियोजना में घुमाया जाता था। इसके बाद सैलानी गैंडा दर्शन करते थे। बीते कोरोना सालों में गैंडा साइटिंग पर पार्क प्रशासन ने रोक लगा दी थी। इस बार नवीन पर्यटन सत्र में हाथियों की सवारी कर गैंडा साइटिंग कराने की पार्क प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन बीते माह इलाके में आई बाढ़ के कारण बाढ़ का पानी भरा होने व रास्तों के कट जाने के चलते इस वर्ष भी दुधवा पहुंचने वाले सैलानियों को एक सींग वाले दुर्लभ गैंडों के दीदार नहीं हो पा रहे हैं। इस सत्र में सैलानियों को गैंडों के दीदार हो सकेंगे इस पर असमंजस बना हुआ है।
25 हजार हेक्टेअर में है गैंडा परियोजना फेज वन
दुधवा नेशनल पार्क में गैंडा परियोजना 25 हजार हेक्टेअर के एरिया में है। फेज वन की इस गैंडा परियोजना में 36 तो फेज टू की 18 सौ हेक्टेअर परियोजना में छह गैंडा समेत कुल 42 गैंडा दुधवा में पाए जाते हैं।
बाढ़ के कारण गैंडा परियोजना के रास्ते खराब हो चुके हैं, जिनको बनाने का कार्य पार्क प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सैलानियों को हाथी की सवारी का लुत्फ लेकर गैंडा दर्शन करने का मौका मिलेगा।
-संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क