लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में तीन और हत्या अभियुक्तों की जमानत अर्जी पर बृहस्पतिवार को होने वाली सुनवाई 30 नवंबर 2021 तक के लिए टाल दी गई है। अभियोजन पक्ष की ओर से केस डायरी व अन्य जांच रिपोर्ट न मिल पाने का हवाला देते हुए और समय मांगा गया, जिस पर जिला जज मुकेश मिश्रा ने सुनवाई के लिए नई तिथि मुकर्रर कर दी।
तीन अक्तूबर 2021 को हुए तिकुनिया कांड में मुख्य अभियुक्त आशीष मिश्रा मोनू समेत अन्य अभियुक्तों की जमानत अर्जी पहले ही कई बार खारिज हो चुकी हैं। इस मामले में अब तक दोनों पक्षों की ओर से 17 अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें से किसी की जमानत नहीं हो पाई है। इसके बाद हत्या अभियुक्तों धर्मेंद्र बंजारा, रिंकू राना और उल्लास उर्फ मोहित त्रिवेदी की ओर से अधिवक्ता राम आशीष मिश्रा ने जमानत की अर्जी दाखिल की थी, जिस पर बृहस्पतिवार को जिला जज की अदालत में सुनवाई होनी थी। अदालत में सुनवाई शुरू होने के दौरान अभियोजन पक्ष के अरविंद त्रिपाठी ने केस डायरी व अन्य जांच रिपोर्ट न मिल पाने की बात कहते हुए सुनवाई के लिए और समय मांगा है। इसके चलते जमानत अर्जी की सुनवाई टल गई है। अब जिला जज मुकेश मिश्रा ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 30 नवंबर 2021 की तिथि तय कर दी है।
जस्टिस प्रदीप श्रीवास्तव एकल आयोग देंगे सरकार को रिपोर्ट
लखीमपुर खीरी। बहुचर्चित तिकुनिया कांड की जांच करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की अधिसूचना पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस प्रदीप श्रीवास्तव मंगलवार की शाम को लखीमपुर पहुंचे थे, जिसके बाद वह जिला मुख्यालय पर संबंधित अफसरों से बातचीत करने के बाद बुधवार को घटनास्थल को देखने के लिए भी गए थे। एक सदस्यीय जूडिशियल कमीशन के बारे में हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार ने छह अक्तूबर को ही घोषणा कर दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में कई बार सुनवाई के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आखिरकार एक सदस्यीय न्यायिक आयोग को अमली जामा पहनाया गया है।
कानून से जुड़े सूत्र बताते है इस मामले में जांच भले ही एसआईटी कर रही है, लेकिन जस्टिस प्रदीप श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाला एकल सदस्यीय न्यायिक आयोग दो महीने के भीतर जांच पूरी करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी रिपोर्ट देंगे।