जिला जज मुकेश मिश्रा ने अर्जी पर सुनवाई के लिए एक दिसंबर तारीख लगाई
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में शनिवार को भाजपा सभासद सुमित जायसवाल की तरफ से जिला अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गई। जिला जज मुकेश मिश्रा ने जमानत अर्जी को दर्ज रजिस्टर करते हुए सुनवाई के लिए एक दिसंबर की तिथि मुकर्रर की है।
तिकुनिया में तीन अक्तूबर को हुए हादसे में चार किसान और एक पत्रकार सहित आठ भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी। लखीमपुर हिंसा के नाम पर विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ तो पांच अक्तूबर की तड़के सुबह पांच बजे के करीब स्वयं ही घटनास्थल पर मौजूदगी की बात स्वीकार करते हुए सभासद सुमित जायसवाल ने क्रॉस रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी क्रॉस केस को आधार बनाते हुए सभासद की ओर से जमानत अर्जी पेश की गई, जिसमें अदालत को बताया गया कि उसे निर्दोष होेने के बावजूद गलत तरीके से फंसाया गया है। साथ ही कहा कि उसकी ओर से विवेचना में भी सहयोग दिया गया है।
वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी क्रिमनल अरविंद त्रिपाठी को जमानत प्रार्थना पत्र की प्रतिलिपि प्राप्त कराते हुए जिला जज की अदालत की ओर से उन्हें निर्देशित किया गया है कि एक दिसंबर को अपना पक्ष रखें। इस पर जमानत प्रार्थना पत्र की प्रतिलिपि को भेजते हुए तिकुनिया पुलिस से क्रिमिनल हिस्ट्री समेत विस्तार टिप्पणी भेजने के लिए डीजीसी ने एसएचओ तिकुनिया को आदेशित किया है।
बचाव पक्ष की रणनीति से बदल रहा सीन
लखीमपुर खीरी। मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू, बलराम राना और आशीष पांडेय की जमानत अर्जी वैसे तो सुनवाई के बाद 15 नवंबर को जमानत खारिज हो चुकी है। 18 नवंबर को रिंकू राणा सहित तीन आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई आगे बढ़ गई है। इस पर अगली तिथि तीस नवंबर लगी है, लेकिन सुमित जायसवाल की जमानत अर्जी की सुनवाई के लिए तीस नंवबर की सुनवाई में शामिल करने संबंधी कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया है, जिसके चलते सुमित जायसवाल मामले में अलग से तारीख एक दिसंबर तय की गई है। संवाद