हादसे में एक ही परिवार के तीन युवक और एक रिश्तेदार की मौत का मामला
भीखमपुर। रविवार सुबह फरधान थाना क्षेत्र में कस्बे के दो सगे और एक चचेरे भाई समेत चार की मौत से कस्बावासियों में शोक का माहौल है। गमगीन खबर जिसने भी सुनी उसका कलेजा मुंह को आ गया। एक ही परिवार के अनुज, विवेक और हिमांशु की मौत के बाद घर समेत पूरे गांव में मातम है। परिजन बताते हैं कि घर में सोमवार को चाचा की तेरहवीं है, लेकिन उससे एक दिन पहले ही घर के तीन चिराग हमेशा के लिए बुझ गए।
शनिवार की शाम कस्बे के पांच युवक एक कार में सवार होकर गोला क्षेत्र के शेरपुर सेमरई गांव जाने के लिए निकले थे। पांच युवकों में अनुज, विवेक और हिमांशु तीनों भाई ममेरे भाई अमन और रिश्ते के चाचा विकास के साथ गए थे। परिवार के लोगों ने बताया कि शनिवार शाम सात बजे के करीब वह गोला में थे। सुबह वह लखीमपुर की ओर से लौट रहे थे।
यहां बता दें कि सोमवार को मृत युवकों के चाचा की तेरहवीं है, लेकिन उससे एक दिन पहले ही उनकी मौत हो गई। मृतक अनुज, विवेक, हिमांशु के सगे चाचा राजेश का 23 फरवरी को निधन हो गया था, जिनकी तेरहवीं सोमवार को होने वाली थी, जिसमें उनके रिश्तेदार लालपुर निवासी रजनीश तिवारी उर्फ जमाना का पुत्र अमन तिवारी आया हुआ था। अमन दिल्ली में प्राइवेट जॉब करता है और उनका पूरा परिवार वहीं नौकरी करता है। अमन तिवारी कस्बा निवासी संत कुमार के साले का लड़का है।
परिवार के लोगों ने बताया कि अनुज, विवेक, हिमांशु और विकास उसके आग्रह पर घूमने गए हुए थे। घर से निकले सभी लड़कों ने घरवालों को पूरी बात नहीं बताई की वह कहां जा रहे हैं।
दिल्ली में गाड़ी चलाता है संतकुमार का परिवार
संतकुमार मिश्रा के चार पुत्रों में दूसरे नंबर के अनुज और तीसरे नंबर के विवेक उर्फ तनु व संतकुमार के सगे भाई राजकुमार के पुत्र हिमांशु की मौत हो गई। संतकुमार के पास जमीन नहीं थी, लिहाजा वह गाजियाबाद में गाड़ी चलाकर गुजर बसर करते हैं। उन्हीं के साथ उनका पुत्र अनुज भी इंटर करने के बाद प्राइवेट नौकरी करता था, जबकि विवेक कक्षा 11 की पढ़ाई कर रहा था। घर की स्थिति सामान्य है। उधर, हिमांशु राजकुमार मिश्र का इकलौता पुत्र था, जो कि लखनऊ में इंटर की पढ़ाई कर रहा था। घर में एक साथ तीन चिराग बुझने से दोनों भाइयों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, संतकुमार के पड़ोसी और रिश्ते में मौसेरे भाई विकास पुत्र सरोज मिश्र की भी मौत हुई है, जो कि इंटर की पढ़ाई पूरी कर चुका था। सभी के मकान एक साथ ही जुड़े हैं और सभी एक साथ घुल मिलकर रहते थे, लेकिन एक साथ चार नौजवानों की मौत से हर कस्बावासी द्रवित, दुखी और गमगीन है।
अनुज मिश्रा (फाइल फोटो)
विकास मिश्रा (फाइल फोटो)
हिमांशु मिश्रा (फाइल फोटो)