धौरहरा। तहसील क्षेत्र के रमियाबेहड़ के बाछेपारा गांव में घाघरा नदी का कटान कुछ धीमा पड़ा है, लेकिन भू कटान अब भी जारी है। तहसील प्रशासन राहत के नाम पर कटान पीड़ितों को पिपिया और तिरपाल बांट रहा है।
बीते दिनों घाघरा नदी बाछेपारा, गोड़ियनपुरवा, बगहा, मोटेबाबा सहित आसपास के गांवों में कटान कर कृषि योग्य भूमि सहित घरों को निगल रही थी। कटान की जद में आए ग्रामीण अपने खून पसीने की कमाई से बनाए गए अपने आशियानों को खुद ही तोड़कर सुरक्षित स्थानों को पलायन कर रहे थे।
नदी ईसानगर के कैरातीपुरवा, लौकाही मल्लापुर में अभी कटान कर रही है। अब तक सैकड़ों बीघा फसल लगी भूमि नदी में समा चुकी है। बीते पंद्रह दिनों से शुरू हुए घाघरा नदी के कटान से बाछेपारा में घाघरा नदी में अम्बेडकर पार्क सहित करीब 105 घर नदी में समा गए हैं।
रविवार से सहायक अभियंता बीडी गौतम की देखरेख में घाघरा नदी में परक्यू पाइन में जंगल झाड़ी भरकर, बल्ली पाइलिंग सहित बोरियों में रोड़ा भरकर डालने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया। बड़े स्तर पर किए गए काम की मेहनत रंग लाई और बाछेपारा में हो रहा नदी का तेज कटान कम हो गया।
नदी का कटान रोकने के लिए परक्यू पाइन, बल्ली पाइलिंग आदि काम करवाए जा रहे हैं, जिससे नदी ने कटान कम किया है। निरंतर काम करवाया जा रहा है। कटान रोकने को हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
- बीडी गौतम, सहायक अभियंता बाढ़ खंड शारदानगर