वेब सीरीज देखकर बनाई थी रंगदारी मांगने की योजना
लखीमपुर खीरी। युवराज दत्त महाविद्यालय के प्रोफेसर से मोबाइल पर दस लाख की रंगदारी मांगने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत उसके दो साथियों को भी गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी शहर के अलग-अलग मोहल्लों के निवासी हैं। इनके पास से रंगदारी मांगने के लिए प्रयोग किया गया सिम भी बरामद हुआ है।
वाईडी कॉलेज के प्रोफेसर आकाश वार्ष्णेय के मोबाइल पर मंगलवार की शाम फोन करके दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी, जिसके बाद सीओ सिटी अरविंद कुमार वर्मा के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस व क्राइम ब्रांच टीम को खुलासे के लिए लगाया गया था। रंगदारी मांगने के दौरान आरोपी ने अपना नाम पठान बताते हुए मुजफ्फरनगर का निवासी होने की बात कही थी, लेकिन सर्विलांस की जांच में आरोपी की लोकेशन सीतापुर में मिली थी। लिहाजा पुलिस ने सीतापुर समेत आसपास के क्षेेत्रों में अपना जाल बिछाया था। सीसीटीवी फुटेज में भी आरोपी की लोकेशन ट्रेस हुई, जिसके आधार पर पुलिस ने शनिवार को मुखबिर की सूचना पर महाराजनगर रेलवे फाटक के पास से अभियुक्त रंजीत जायसवाल (19 वर्षीय) निवासी ईदगाह, पंकज शुक्ला निवासी मोतीनगर और सुधीर पांडेय निवासी राजगढ़ को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में पता चला कि आरोपी रंजीत ऑटो चलाता है। उसने बताया कि पंजाबी कॉलोनी में एक प्रोफेसर के घर लाखों की चोरी होने के बाद उसने प्रोफेसर को रंगदारी मांगने के लिए निशाना बनाया। इसके लिए उसने वेब सीरीज से आइडिया लिया और उसी के अनुसार खुद को मुजफ्फरनगर का गैंगेस्टर बताते हुए प्रोफेसर को धमकाया था। खुलासा करने वाली टीम में एसआई देवेंद्र कुमार, शिवकुमार यादव, हेड कांस्टेबल विजय शर्मा, हेमंत सिंह, मनीष यादव, देवेंद्र सिंह, ओम मिश्रा आदि शामिल रहे।