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रोमानिया, पोलैंड और हंगरी बॉर्डर से स्वदेश लौटेंगे छात्र-छात्राएं, अब भी यूक्रेन में फंसे हैं नौ छात्र

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कीव मेट्रो स्टेशन पर वेटिंग रूम में लगी भारतीयों की भीड़।
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मोहम्मदी के अनुराग और खजुरिया के अब्दुल मन्नान रोमानिया में सुरक्षित, बॉर्डर पहुंचे शिवम, नबील पोलैंड तो ऋषभ हंगरी बॉर्डर जाने की तैयारी में
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लखीमपुर खीरी। यूक्रेन में फंसे जिले के 15 छात्रों की स्वदेश वापसी जल्द हो सकती है। अब तक 15 में तीन छात्र यूक्रेन से निकलकर सुरक्षित जगह पहुंच गए हैं, वहीं दो छात्र यूक्रेन से पोलैंड और हंगरी के रास्ते स्वदेश लौटने की कोशिश में हैं। वहीं अभी नौ विद्यार्थी यूक्रेन में ही फंसे हैं।
खजुरिया के अब्दुल मन्नान जहां रोमानिया बॉर्डर पार कर बुखारेस्ट एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं, वहीं मोहम्मदी के अनुराग यादव रोमानिया के शेल्टर होम से निकलकर रोमा शहर में एक होटल में शरण लिए हुए हैं। वहीं, पलिया का ऋषभ गोयल हंगरी बॉर्डर पहुंच रहा है, जबकि संपूर्णानगर का नबील पोलैंड बॉर्डर पर आ चुका है। उधर, यूक्रेन में रूसी हमले में कर्नाटक के एक छात्र की मौत के बाद सभी छात्रों के परिजन सकते में हैं और अपने अपने लाडलों की जल्द से जल्द स्वदेश वापसी की सरकार से गुहार लगा रहे हैं।
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यूक्रेन में अब भी फंसे हैं नौ छात्र
1- गुरुप्रीत पुत्र बलबिंदर निवासी गदनियां यूक्रेन की कीव यूनिवर्सिटी में हैं।
2- सरवन सिंह पुत्र करतार सिंह निवासी बरबर चौराहा मोहम्मदी खार्कीव यूनिवर्सिटी में फंसे।
3- रिशमजीत कौर पुत्री करतार सिंह निवासी बरबर चौराहा मोहम्मदी खार्कीव यूनिवर्सिटी में फंसी।
4- मनमोहन मिश्रा पुत्र रवि प्रकाश मिश्रा शिवकॉलोनी लखीमपुर क्यीव मेडिकल यूनिवर्सिटी में फंसे हैं।
5- कृष्णमोहन मिश्रा पुत्र रवि प्रकाश मिश्रा शिवकॉलोनी लखीमपुर क्यीव मेडिकल यूनिवर्सिटी में फंसे।
6- छत्रपाल वर्मा पुत्र टीकाराम वर्मा निवासी शहाबुद्दीनपुर गोला खार्कीव यूनिवर्सिटी में फंसे।
7- उम्मी खातून पुत्री निजाम अली निवासी खीरी टाउन पोतावा स्टेट मेडिकल यूनिवरसिटी में फंसे।
8- हर्षित यादव पुत्र अहिवरन यादव निवासी मोहम्मदी हॉस्टल के बंकर में फंसे।
9- सुकांत मंडल पुत्र सपन मंडल निवासी मियापुर मोहम्मदी कीव में फंसे हैं।

अनुराग बोले, बुखारेस्ट एयरपोर्ट पर काफी भीड़, वापसी छह दिन से पहले संभव नहीं
लखीमपुर खीरी। यूक्रेन संकट से निकलकर रोमानिया के रोमा शहर में एक होटल में शरण लिए मोहम्मदी के छात्र अनुराग यादव ने बताया कि वह मंगलवार को शेल्टर होम से निकलकर रोमा शहर के एक होटल में दाखिल हो चुके हैं। अब एयरपोर्ट से बस आने का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही बस आएगी वह रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट स्थित एयरपोर्ट के लिये रवाना हो जाएंगे। लेकिन, स्वदेश वापसी में अभी भी पांच-छह दिन और लग जाएंगे।
मोहम्मदी निवासी अरविंद यादव का पुत्र अनुराग यादव टरनोपिल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएम प्रथम वर्ष का छात्र है, जिसे यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बस के जरिये रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचाया था। जहां से उसे बॉर्डर क्रॉस करने में पांच दिन लग गए। वीडियो कॉल के जरिये अनुराग ने बताया कि एंबेसी की तरफ से उसे बताया गया है कि एयरपोर्ट से उसे बस लेने के लिए आएगी। एयरपोर्ट पर भी ढाई से तीन हजार छात्र फंसे हैं। ऐसे में भारत लौटने में उन्हें पांच-छह दिन और लग जाएंगे।
उधर, खजुरिया निवासी बकरीदन अंसारी ने बताया कि उनकी दोपहर में अपने पुत्र अब्दुल मन्नान अंसारी से बात हुई थी, जो कि रोमानिया के बुखारेस्ट एयरपोर्ट पर मौजूद है। बताया कि उसका पासपोर्ट भी जमा हो चुका है और अब बस नंबर मिलने का इंतजार है।

यूक्रेन के लवीव पहुंचा ऋषभ, हंगरी बार्डर जाने की तैयारी
पलिया-संपूर्णानगर। पलिया के मोहल्ला किसान द्वितीय निवासी ऋषभ गोयल स्वदेश वापसी के लिए हंगरी के लिए निकला है।
पिता मुकेश गोयल ने बताया कि सुबह से पुत्र से बराबर बात हो रही है। शाम करीब चार बजे वह यूक्रेन के लवीव शहर पहुंच गया था। यहां से बस में अन्य छात्रों के साथ हंगरी बार्डर जाने की तैयारी कर रहा था। फिलहाल पुत्र सुरक्षित है और हंगरी जाकर वहां पर भारतीय एंबेसी से संपर्क करेगा, जिसके बाद भारत सरकार उसको भारत लाने की व्यवस्था करेगी। बताया कि यूक्रेन में हालात काफी खराब हो गए हैं और रूसी सेना लगातार कई हिस्सों पर अपना कब्जा जमाती जा रही है। जिससे जल्द से जल्द पुत्र भारत आ जाए यही सरकार से मांग कर रहे हैं।
उधर, संपूर्णानगर के छात्र नबील अहमद खान के घर मंगलवार को पलिया तहसीलदार आशीष कुमार सिंह पहुंचे और परिजन से बात कर छात्र की लोकेशन के बारे में जानकारी ली। साथ ही हालचाल भी पूछा। नबील के चचेरे भाई डॉ. आईए खान ने बताया कि उनका भाई इस समय पोलैंड बार्डर पर आ गया है और वहां से जब भी निकलता है तो बात होगी। फिलहाल नबील भारतीय दूतावास के संपर्क में है।
गोविंदनगर गांव निवासी ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि उनका पुत्र शिवम सिंह कल हॉस्टल में था और आज मंगलवार को 108 बच्चों से भरी बस में रोमानिया बार्डर पहुंच गया है। बताया कि यहां सभी छात्र सेंटर पर रुके हैं। शाम को भी बात हुई थी, जिसमें उसने बताया कि वह बार्डर से दस किलोमीटर अंदर एक सेंटर मिलीसाउती शहर में लाए गए हैं जहां रुके हैं।

यूक्रेन से निकलकर हंगरी बॉर्डर पहुंचा आलोक
मोहम्मदी। यूक्रेन से निकलने में मोहम्मदी के छात्र आलोक सिंह को सफलता मिली है। मोहल्ला पूर्वी लखपेड़ा निवासी आलोक सिंह के पिता संतोष सिंह ने बताया कि मंगलवार को वह यूक्रेन से निकलकर सुरक्षित हंगरी बॉर्डर पहुंच गया है और भारतीय दूतावास के संपर्क में है।
संतोष सिंह ने बताया कि वह यूक्रेन में ओडेसा के एक मेडिकल कॉलेज के बंकर में फंसा हुआ था, जहां से यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उसे हंगरी बॉर्डर तक पहुंचाया है। बेटे के सुरक्षित यूक्रेन संकट से निकलने पर पिता संतोष सिंह व मां किरन सिंह ने संतोष जताया है। उन्होंने शिवरात्रि पर भगवान का धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी की दुआओं से यह संभव हुआ है। ईश्वर सभी छात्रों को सकुशल स्वदेश लौटाए। संवाद
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उम्मी खातून के घर पहुंचे नायब तहसीलदार
खीरी टाउन। यूक्रेन के पोलतावा स्टेट यूनिवर्सिटी में कस्बा खीरी टाउन निवासी टेंट व्यवसायी निजाम अली की पुत्री उम्मी खातून अभी तक फंसी हुई है, जिसको लेकर परिवार के लोग बहुत परेशान हैं। मंगलवार को उम्मी खातून के परिवार से मिलने के लिए नायब तहसीलदार अतुल सिंह उनके घर पहुंचे और उम्मी के बारे में जानकारी ली। उम्मी के पिता निजाम अली ने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन अपनी जिम्मेदारी पर छात्रों को वहां से निकलने के लिए कह रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से उन्होंने बेटी को वहीं पर ठहरने के लिए कहा है। वहीं, तहसीलदार ने बताया कि सरकार और प्रशासन भारतीय छात्रों की हर तरह से मदद कर उनकी स्वदेश वापसी सुनिश्चित करवा रहा है। संवाद
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