फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विज्ञान और प्रौद्योगिकी में एकीकृत दृष्टिकोण विषय पर हुई गोष्ठी

विज्ञापन
छात्रा को प्रमाण पत्र देते प्राचार्य डॉ. हेमंत पाल।
विज्ञापन
युवराज दत्त महाविद्यालय में हुआ आयोजन
विज्ञापन

लखीमपुर खीरी। वाईडी कॉलेज में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर दीर्घकालिक भविष्य के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी में एकीकृत दृष्टिकोण विषय पर सोमवार को गोष्ठी हुई। गोष्ठी में वनस्पति विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर सतेंद्र पाल सिंह ने बॉयोटेक्नोलॉजी, कंप्यूटेशनल बॉयोलॉजी, जैव भौतिकी, नैनो टेक्नोलॉजी के विभिन्न आयाम व सतत विकास के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी।
गोष्ठी में बीएससी तृतीय वर्ष (गणित) के छात्र अमित कुमार, बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा कीर्ति गौतम ने सीवी रमन के जीवन परिचय के बारे में बताया। बीएससी के छात्र अमन रावत, उदिता सिंह, हर्षित सोनी, ब्रज मोहन मौर्य, संध्या सिसौदिया ने निर्धारित थीम पर चर्चा की।
विज्ञापन

गणित विभागाध्यक्ष मोहम्मद आमिर ने सतत विकास एवं इसके लक्ष्य एवं प्राप्ति के लिए मैथमेटिकल मॉडलिंग का सिद्धांत बताया। भौतिक विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर बृजेश शुक्ला ने रमन प्रभाव, रमन स्पेक्ट्रम एवं भौतिक विज्ञान में उनके योगदान व जीवन वृतांत बताया। संयोजक एवं वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. डीके सिंह ने सतत विकास में ट्रांसजेनिक पौधों, अगुणित पौधों, उन्नत किस्मों के विकास में हरित क्रांति के जनक डॉ. एमएस स्वामीनाथन और नार्मन बर्लोग के योगदान की जानकारी दी।
विज्ञापन

प्राचार्य प्रो. डॉ. हेमंत पाल ने सतत विकास को समझाते हुए थ्रीआर रिड्यूस, रीयूज व रिसाइक्लिंग सिद्धांत की जानकारी देते हुए छात्र-छात्राओं को विज्ञान में रुचि लेने के लिए प्रेरित किया। प्राचार्य ने छात्रों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार आगा, पूर्व प्राचार्य व कॉमर्स एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. डीएन मालपानी, डॉ. आरपीएस तोमर, डॉ. नीलम त्रिवेदी, डॉ. नूतन सिंह, डॉ. ज्योति पंत, डॉ. एसके पांडेय, डॉ. सुभाष चंद्रा, डॉ. इष्ट विभु, डॉ. आकाश वार्ष्णेय, मनोज कुमार, देशराज, डॉ. ओपी सिंह, दीपक बाजपेई, डॉ. विनोद सिंह आदि छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें