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शहर में अवैध होर्डिंग की भरमार, पालिका को न अपने टैक्स की चिंता, न लोगों की जान की

सार

चौराहों के अलावा सभी प्रमुख मार्गों पर लगे होर्डिंग से बिगड़ रही शहर की सूरत
 
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खीरी में मुख्य मार्ग पर अवैध रूप से टांगे गए बैनर। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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विस्तार
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कहीं-कहीं हादसे का कारण भी बन रहीं हैं बल्लियों पर लगी होर्डिंग
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पालिका प्रशासन ऐसी होर्डिंग्स के खिलाफ नहीं चला रहा कोई अभियान

लखीमपुर खीरी। नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही के कारण पूरा शहर अवैध होर्डिंग्स से पट गया है। अवैध तरीके से जहां-तहां लगी प्रचार सामग्री से शहर की खूबसूरती बिगड़ती जा रही है। तेज हवा के चलने पर इन होर्डिंग्स से हमेशा ही हादसे की आशंका बनी रहती है। बावजूद इसके नगर पालिका प्रशासन इन अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ कोई अभियान नहीं चला रहा है।
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नगर पालिका की आय का जरिया शहर में लगने वाली प्रचार सामग्री भी है। इसका ठेका होता है। नगर पालिका ने शहर में होर्डिंग्स लगाने के लिए करीब 45 स्थान (साइट) निर्धारित कर रखे हैं। बावजूद इसके शहर भर में जगह-जगह अवैध रूप से होर्डिंग्स और बैनर लगाए जा रहे हैं, जबकि पालिका की ओर से निर्धारित स्थानों के अलावा अन्य जगहों पर होर्डिंग्स लगाना गैरकानूनी है। ऐसा करने पर जुर्माना वसूलने का प्रावधान है। बावजूद इसके नगर पालिका कोई कार्रवाई नहीं कर रही। अतिक्रमण हटाने के नाम पर नगर पालिका कभी कभार अभियान चलाकर होर्डिंग्स हटाकर इतिश्री कर लेती है। इसके बाद फिर से शहर होर्डिंग्स और बैनरों से पट जाता है।

हादसे का कारण बन सकती हैं ओवरब्रिज से लटकती होर्डिंग

ओवरब्रिज पर तमाम होर्डिंग लटक रही हैं। इनको तार या फिर रस्सियों के सहारे लटकाया गया है। इसमें कुछ राजनीतिक होर्डिंग हैं तो कुछ दुकानों से संबंधित। ये सब अवैध बताई जाती हैं। ओवरब्रिज से लटकती होर्डिंग कभी भी हादसे का कारण बन सकती हैं। मगर इन्हें हटवाने के लिए नगर पालिका प्रशासन आगे नहीं आ रहा है।

राहगीरों के लिए मुसीबत बन सकती हैं बल्लियों पर लगी होर्डिंग

शहर के हर तिराहे और चौराहे पर बांस बल्लियों के सहारे होर्डिंग लगी हैं। सदर चौराहों पर बल्लियों के सहारे होर्डिंग लगी हैं। संकटा देवी चौरहा सहित गुरुगोविंद सिंह एवं सौजन्या तिराहा व रेलवे स्टेशन से लेकर खीरी रोड पर तो इनकी भरमार है। आंधी-बारिश में बल्लियों पर लगी होर्डिंग दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।

मुख्य मार्गों पर प्रचार सामग्री की भरमार

अवैध रूप से लगाई गई प्रचार सामग्री से मेन रोड भी अछूती नहीं है। यहां पर होर्डिंग तो नहीं हैं, लेकिन दुकानदारों ने अपना प्रचार करने के लिए पूरी रोड पर बैनर लगवा रखे हैं, जिसका संबंधित दुकानदार शुल्क तक नहीं देते हैं। इस तरह अवैध रूप से लगे दर्जनों बैनरों से मेन रोड पूरी तरह से पट गई है।

दो से तीन हजार रुपये सालाना है होर्डिंग्स का वार्षिक शुल्क

नगर पालिका की ओर से निर्धारित स्थानों पर होर्डिंग्स लगाने का शुल्क करीब दो से तीन हजार रुपये सालाना है। शुल्क जगह के अनुसार निर्धारित है। इसे जमा करने के बाद ही चयनित स्थानों पर होर्डिंग लगाई जा सकती हैं।

कई बार शिकायत की, लेकिन कोई नहीं सुनता

ठेकेदार दिनेश सिंह का कहना है कि शहर में करीब 45 स्थानों पर होर्डिंग्स लगाने की अनुमति है। बावजूद इसके ऐसा कोई चौराहा और रोड नहीं, जिस पर अवैध रूप से प्रचार सामग्री लगी न हो। ये लोग किराया भी नहीं दे रहे, जबकि इन्हें हटवाने के लिए कई बार नगर पालिका में प्रार्थना पत्र दिए जा चुके हैं। - दिनेश सिंह, ठेकेठार होर्डिंग्स

जल्द ही शहर में अवैध रूप से लगाई गईं होर्डिंग्स को हटवाने के लिए पालिका प्रशासन अभियान चलाएगा। साथ ही होर्डिंग्स लगाने वालों से जुर्माना भी वसूला जाएगा। - आरआर अंबेष, अधिशाषी अधिकारी

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