गोंडा-मैलानी रेल प्रखंड का तीन किलोमीटर का हिस्सा पानी में डूबा, रेल यातायात बंद
राहत और बचाव कार्य में जुटा प्रशासन, खेतों में खड़ी फसलों को पहुंचा भारी नुकसान
लखीमपुर खीरी। बनबसा डैम से मंगलवार की सुबह छोड़े गए करीब पांच लाख क्यूसेक पानी के यहां पहुंचते ही शारदा और घाघरा नदियां उफना उठीं। जिले की चार तहसीलें पलिया, निघासन और धौरहरा और लखीमपुर बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। गोला तहसील का भी कुछ हिस्सा बाढ़ की चपेट में आया है। शारदा और घाघरा नदियों के उफनाने से करीब सौ गांव प्रभावित हुए हैं। कई रास्तों पर पानी भर जाने से उनका संपर्क उन जगहों से कट गया है।
उधर, मैलानी गोड़ा रेल प्रखंड पर भीरा-पलिया के बीच करीब तीन किलोमीटर रेलवे ट्रैक पानी में डूब गया है। कई जगह रेलवे ट्रैक के नीचे से तेज रफ्तार से पानी बह रहा है। इसे देखते हुए रेल यातायात रोक दिया गया है। रेलवे ट्रैक कटने से दूसरी तरफ के करीब एक दर्जन गांवों के लिए खतरा बढ़ गया है। पलिया में शारदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। सुबह नौ बजे पलिया के शारदा पुल पर जलस्तर 155.770 मीटर रिकार्ड किया गया, जबकि शारदानगर में जलस्तर 135.75 मीटर रिकार्ड हुआ है। उधर, घाघरा बैराज पर घाघरा नदी का जलस्तर दोपहर 12 बजे 136.70 मीटर दर्ज हुआ है। अभी बनबसा से और पानी छोड़े जाने की आशंका है। उधर, नेपाल में भारी बारिश के चलते मोहाना, कर्णाली और सुहेली नदियों में भी बाढ़ आ गई है। इसके चलते भारत नेपाल सीमा पर दर्जनों गांवों और रास्तों पर पानी भर गया है। लोग अपने गांवों में फंस कर रह गए हैं।
निघासन तहसील क्षेत्र के 40 गांवों में भरा बाढ़ का पानी
निघासन। तहसील क्षेत्र के करीब 40 गांव में बाढ़ का पानी भर गया है। गांव के मुख्य मार्गों पर पानी भरने से आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। तहसील निघासन चारों तरफ नदियों से घिरा हुआ है। निघासन के दक्षिण शारदा नदी तो निघासन के उत्तर घाघरा, सरयू, सुहेली, मोहाना और जौरहा आदि नदियां हैं। शारदा नदी में आई बाढ़ से मिठुई, बैलहा दौलतापुर, लालबोझी, मदनापुर खमरिया आदि गांव के संपर्क मार्गों पर पानी भरने से आवागमन बंद हो गया है। धान, गन्ने की फसलें जलमग्न हो गई है। बाढ़ का पानीदौलतापुर, सुरजीपुरवा, कोरियाना, बोटन पुरवा, नौगवा, मदनापुर, खमरिया, मुड़िया, बैलहा, जीत पुरवा, बैलहाडीह, मटेहिया, लोखंदरपुर, बल्लीपुर, मुन्ना पुरवा, मोती पुरवा, संकरी गौरी प्रतापगढ़, बबुरी ग्रांटनंबर 12 आदि शारदा नदी से प्रभावित हैं। संवाद
रेलवे ट्रैक कटने से कई गांवों पर मंडराया खतरा
बिजुआ। शारदा में आई बाढ़ से रेल ट्रैक कट जाने से बोझवा मटेहिया मझौरा कचनारा दौलतापुर प्रीतमपुरवा आदि गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से घुसने लगा है। ग्रामीण अपना सामान लेकर ऊंची और सुरक्षित जगहों के लिए भाग रहे हैं। यह सभी गांव टापू बनकर रह गए हैं। दूसरी ओर तरफ मरहिया नाला भी उफान पर है। मटेहिया निवासी प्रेम भार्गव अपना घरेलू सामान ट्रैक्टर ट्राली पर लादकर भीरा में किसी ऊंची जगह पर जा रहे थे। प्रीतमपुरवा के पास मरहिया नाले पर भीरा पलिया राजमार्ग पर बने रपटा पुल पर ट्रैक्टर ट्राली पानी की तेज धार पानी में बह गई। उस पर सवार लोगों ने किसी तरह कूदकर और तैरकर अपनी जान बचाई। इन गांव के लोगों के बाहर निकलने के रास्ते बंद हैं। संवाद
तराई क्षेत्र में मोहाना व कर्णाली का कहर
तिकुनिया। नेपाल में हुई भारी बारिश से भारत नेपाल सीमा पर बहने वाली मोहाना और कर्णाली नदी उफना उठी हैं। बाढ़ से दो दर्जन से अधिक गांव जलमग्न हो गए हैं। लोग गांव में फंसे हुए हैं। हालांकि प्रशासन ने नाव का इंतजाम कर पीड़ितों को निकालने का दावा किया है। घरों में रखा राशन भी भीगकर खराब हो गया है। खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल चौपट हो गई है।
भारत नेपाल सीमा के गांव बेलापरसुवा, कडिया, चिमनटांडा, गौढ़ी, गोवर्धनपुरवा, सिसवारी, बनबीरपुर, गंगानगर, रननगर, रामनगर, इंद्रनगर, मुजहाटांडा, जनकपुर, कौड़ियाला, बंदरहिया, जसनगर, बाबानगर, केवटली, खैरेटिया, नयापिंड, खमरिया, रमुआपुर, सिधौना सहित अन्य गांव बाढ़ से पीड़ित हैं।
उधर, कौड़ियाला खैरटिया मार्ग पर सिंचाई विभाग द्वारा बनाया गया तटबंध पानी का तेज दबाव होने के कारण कट गया। इससे बाबा पुरवा गांव में पानी घुस गया है। तहसील निघासन के क्षेत्रीय कानूनगो अनिल शुक्ला ने राजस्व टीम के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। कानूनगो ने बताया अभी तक किसी प्रकार कि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है।तिकुनिया कौड़ियाला मार्ग बनबीरपुर गंगानगर मार्ग सिसकारी डागा मार्ग कौड़ियाला खैरटिया मार्ग इन मार्गों पर जबरदस्त पानी चल रहा है, जिससे आवागमन ठप है। बाढ़ में फंसे लोगों को राहत पहुंचाने में दिक्कतें आ रही हैं।