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बाबा पोती सहित पांच हत्यारोपियों को उम्रकैद

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demo photo - फोटो : file photo
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जायदाद की रंजिश में ग्रामीण की भाला घोंपकर हत्या करने और उसे बचाने आए ग्रामीणों पर जानलेवा हमले का मामला
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लखीमपुर खीरी। जमीन जायदाद की रंजिश के चलते ग्रामीण की भाला घोंपकर हत्या करने और उसे बचाने आए ग्रामीणों पर जानलेवा हमला करने के मामले में एडीजे अनिल कुमार ने बाबा पोती सहित पांच हत्यारोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही हत्यारोपियों पर 23-23 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी सुनील सिंह तोमर ने बताया कि मितौली थाना क्षेत्र के ग्राम भगवंतनगर के मजरा मुरईताजपुर निवासी हुलास वर्मा गांव समाज की तालाब के किनारे लगी जमीन पर झोंपड़ी डालकर गुजर बसर करता था। जिस पर गांव के ही रामलाल और फूलचंद्र की नीयत खराब थी। इसी सिलसिले में 17 जुलाई 2009 को रामलाल ने अपने लड़के फूलचंद्र, चंद्रिका और चुन्नी को लेकर दिन में साढे़ चार बजे धावा बोल दिया। फूलचंद्र की लड़की नीतू भी डंडा लेकर आ गई। यह लोग झोंपड़ी से लगी जमीन पाटने लगे और कब्जा करने लगे। जब हुलास वर्मा ने इन्हें रोकने की कोशिश की तो हमलावरों ने भाला, लाठी डंडे से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिया। इसी बीच हुलास के भतीजे धर्मराज व प्रताप व जसकरन को भी चोटें पहुंचाईं। धर्मराज के सीने में भाला घोंप दिया गया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि जसकरन प्रताप व हुलास बुरी तरह जख्मी हो गए। इस मामले में पुलिस ने जांच के दौरान हत्याभियुक्तों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त भाला भी बरामद कर लिया था। इस मामले में पुलिस ने नीतू को छोड़कर रामलाल और उसके तीनों लड़कों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की सुनवाई शुरू हुई तो अभियोजन की तरफ से नीतू का नाम गलत ढंग से हटाने की बात कहते हुए 319 सीआरपीसी की अर्जी दाखिल की थी, जिसे मंजूर करते हुए अदालत ने नीतू को भी हत्याभियुक्त के रूप में तलब किया था। अदालती सुनवाई के दौरान रामप्रकाश, हुलास, जसकरन, डॉ. संतोष मिश्र, रामकिशोर, श्यामलाल निषाद, विनोद, एसआई रामप्रकाश शैलेंश, डा. एसपी सिंह, एसआई दयाशंकर, व विमल सिंह की गवाही दर्ज कराई गई तो बचाव पक्ष की ओर से डॉ. एसपी सिंह और संतोष मिश्र की गवाही दर्ज कराते हुए हत्यारोपियों ने बचाव में खुद के घायल होने की दलील दी।
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न्यायाधीश अनिल कुमार ने जानलेवा हमले और हत्या के मामले में हत्यारोपी रामलाल, उसके तीनों लड़के चुन्नी, फूलचंद्र और चंद्रिका के साथ ही फूलचंद्र की पुत्री नीतू देवी को भी हत्या के मामले में दोषसिद्ध पाते हुए 23-23 हजार रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई है।

हत्यारे पति को उम्रकैद, जुर्माना भी
लखीमपुर खीरी। अतिरिक्त दहेज के लिए विवाहिता को जलाकर मार डालने के मामले में जिला जज मुकेश मिश्र ने हत्यारोपी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर तेरह हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि ईसानगर थाना क्षेत्र के ग्राम अदलीशपुर निवासी मनोहर लाल की लड़की शिवानी की शादी ईसानगर थाने के ही ग्राम खजुहा मजरा लौकाही मल्लापुर निवासी धीरज राजपूत के साथ 2015 में हुई थी, जिसमें चाचा रामलाल ने भी पूरी व्यवस्था जिम्मेदारी उठाई थी। शादी के कुछ समय बाद ही शिवानी को अतिरिक्त दहेज में मोटर साइकिल की मांग के चलते प्रताड़ित किया जाने लगा। आरोप है मांग पूरी न होने पर दो नवंबर 2018 की दोपहर को मिट्टी का तेल डालकर शिवानी को आग लगा दी थी। चीख पुकार के बीच ग्रामीण एकत्रित हुए तो मरणासन्न हालत में शिवानी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चार नवंबर को इस मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई तो अगले ही दिन पांच नवंबर को एसडीएम सदर ने नायब तहसीलदार को शिवानी के कलमबंद बयान दर्ज करने के लिए भेजा था, जिसके बाद इलाज के दौरान 10 जनवरी 2019 को शिवानी की मौत हो गई।
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इस मामले में पुलिस ने केवल धीरज के खिलाफ ही चार्जशीट दाखिल की थी, वहीं सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष शिवानी के परिजन भी पुलिस को दिए गए बयानों से मुकर गए थे। अभियोजन के गवाह एक एक कर पक्षद्रोही होते चले गए तब बचाव पक्ष की ओर से भी अभियोजन से जुडे़ प्रपत्रों की औपचारिक सत्यता स्वीकार कर ली गईं। मामले की बहस के दौरान जब मृतका शिवानी के मृत्यु पूर्व बयान पढे़ गए तो कहानी ही उलट गई। अदालत ने अपने फैसले में शिवानी के मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर हत्यारोपी पति धीरज राजपूत को दहेज हत्या के लिए दोषसिद्ध करते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही हत्यारोपी पति धीरज राजपूत पर तेरह हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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