लखीमपुर खीरी। सरकारी धान खरीद की तैयारियों के बीच किसानों के लिए अच्छी खबर है कि अब क्रय केंद्रों पर प्रभारी उन्हें परेशान नहीं कर सकेंगे। अमूमन धान में अधिक नमी बताकर किसानों को वापस किया जाता था, लेकिन अब केंद्र प्रभारी ऐसा नहीं कर पाएंगे। किसानों का धान केंद्र पर ही सुखवाकर खरीदने के निर्देश दिए गए हैं और किसान उच्चाधिकारी से अपील कर सकेंगे।
खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में मूल्य समर्थन योजना के तहत धान क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों का धान गीला या गंदा होने पर केंद्र प्रभारी अस्वीकृत नहीं करेंगे, बल्कि उसे क्रय केंद्र पर सुखाने व साफ करने का पर्याप्त मौका दिया जाएगा। मानक के अनुरूप गुणवत्ता होने पर किसान का धान खरीदा जाएगा। यदि धान की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं आती है और किसान संतुष्ट नहीं है, तो वह तहसील स्तर पर कार्यरत क्षेत्रीय विपणन अधिकारी के यहां अपील कर सकता है। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी 48 घंटे के अंदर किसान के समक्ष धान का विश्लेषण कर निर्णय लेगी। डीएम अरविंद कुमार चौरसिया ने इस संबंध में सभी क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधकों को आदेश जारी किया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि विशेष परिस्थितियों में किसानों द्वारा लाए गए धान को अस्वीकृत किए जाने पर रिजेक्शन रजिस्टर में धान विक्रेता का नाम व उसका पूरा पता, मोबाइल नंबर, धान की मात्रा और अस्वीकृत करने का पर्याप्त एवं स्पष्ट कारण अंकित किया जाएगा। मांग किए जाने पर रिजेक्शन रजिस्टर संबंधित किसानों, जनप्रतिनिधियों एवं निरीक्षणकर्ता अधिकारियों को भी दिखाया जाएगा।
भीड़ से बचने के लिए किसानों को दिए जाएंगे टोकन
धान खरीद में क्रय केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ न लगे, जिसके लिए ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था की गई है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि किसान स्वयं विभाग की वेबसाइट एफसीएस डॉट यूपी डॉट जीओवी डॉट इन पर ई उपार्जन मॉडयूल में पंजीकरण पोर्टल पर प्रथम बार अपनी सुविधा से क्रय केंद्र के लिए टोकन प्राप्त कर सकते हैं। यदि किसान द्वारा किसी क्रय केंद्र पर एक बार धान विक्रय कर दिया गया है तो उसे अपना संपूर्ण धान उसी क्रय केंद्र पर ही बेचना होगा। किसान के मोबाइल नंबर पर टोकन के लिए ओटीपी प्राप्त होगा और इस ओटीपी को दर्ज कर टोकन प्राप्त कर सकेगा। क्रय केंद्र पर एक कार्य दिवस में प्रति कांटा 300 क्विंटल से ज्यादा का टोकन नहीं जारी किया जाएगा।