निघासन। गैंगस्टर समेत करीब दो दर्जन आपराधिक मामलों में जेल में बंद पठाननपुरवा के प्रधानपति की करीब 1.28 करोड़ की चल-अचल संपत्ति जब्त कर ली गई। मरघट की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने के मामले में प्रशासन ने अतिक्रमण भी हटवाया। अवैध रूप से बनी दुकानों के टिनशेड तोड़ते हुए एक सप्ताह के अंदर दुकानें हटाने का आदेश दिया गया। प्रधान के घर को सीज कर उसके कब्जे से जमीन भी छुड़वाई है।
एसडीएम श्रद्वा सिंह ने बताया कि पढुआ चौकी के गांव पठाननपुरवा निवासी प्रधानपति हनीफ गैंग बनाकर अपराधों को अंजाम देता था। उसने पढुआ के तेलियार रोड पर ग्राम सभा की भूमि पर पढुआ में नौ दुकानें बनाकर किराए पर दे रखी थीं। इसके अलावा उसने करीब 10 एकड़ से अधिक भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा था।
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह के आदेश पर तहसील प्रशासन ने त्वरति कार्रवाई करते हुए आधा घंटे के अंदर दुकानें आदि खाली करने का निर्देश दिया। दुकानदार अपना सामान हटा ही रहे थे कि इसी बीच बुलडोजर आ गया और दुकानों के आगे पड़ी टीनशेड आदि को तोड़कर तहस-नहस कर दिया।
उसके बाद प्रशासनिक अमला हनीफ के घर पठाननपुरवा पहुंचा और वहां पर पूरे घर की कुर्की करते हुए सीज कर दिया। घर के बाहर खड़ी एक बाइक, स्कॉर्पियो और एक ट्रैक्टर को भी सीज कर दिया। इस दौरान वहां पर भारी भीड़ जमा रही। उसके बाद प्रशासन ने अवैध रूप से काबिज खेतों में भी कब्जा छुड़ाकर नोटिस आदि चस्पा कर दिया है।
एसडीएम ने प्रधान की बहू महिनूर पत्नी हसीब के सामने कुर्की की सारी कार्रवाई कराई है। सीओ सुबोध जायसवाल ने बताया कि हनीफ पर हत्या, हत्या का प्रयास, मारपीट, बलवा समेत 24 मुकदमे थाने में दर्ज है। हत्या के प्रयास के मामले में वह जेल में है। उसके ऊपर गैंगस्टर की भी कार्रवाई की गई है।
डीएम के आदेश के बाद नहीं तोड़ी गई दुकानें - इस कार्रवाई के दौरान एसडीएम श्रद्वा सिंह, तहसीलदार राकेश पाठक, सीओ सुबोध जायसवाल, प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान सिंह, तिकुनियां, सिंगाही पुलिस के अलावा झंडी, ढखेरवा आदि थानों की पुलिस मुस्तैद थी। दुकानों को तोड़ने के लिए बुलडोजर भी आ गया था। एसडीएम ने बताया कि डीएम का आदेश हुआ है कि दुकानें तोड़ने की कार्रवाई बाद में की जाएगी। दुकानों के आगे बने टिनशेड और फर्श आदि को तोड़ दिया गया है।
गरीब दुकानदार भी आ गए चपेट में - प्रशासन ने हनीफ की अवैध संपत्ति पर कार्रवाई करने के लिए बुलडोजर मंगवाया था, लेकिन लेखपाल ने मरघट के सामने काबिज पांच दुकानदारों को बिना सूचना दिए खोखा आदि पलट दिया। दुकानदारों ने जब मामले की शिकायत एसडीएम से की तो एसडीएम ने बुलडोजर का रुख दूसरी ओर मुड़वा दिया।
प्रधान का बस्ता जमा करने की होगी लिखा-पढ़ी - एसडीएम ने बताया कि चुनाव के पहले प्रत्येक प्रत्याशी एक शपथपत्र देता है कि उसने किसी भी प्रकार की सरकारी भूमि पर कब्जा नहीं किया है। हनीफ ने 10 एकड़ से अधिक भूमि पर कब्जा कर रखा था। उसकी इस करतूत को ध्यान में रखते हुए उसकी प्रधानी की भी लिखा-पढ़ी की जा रही है। प्रधान का बस्ता भी जमा कराया जाएगा।
शौचालय की भी होगी जांच - एसडीएम ने बताया कि प्रधान ने अपने घर के अंदर अपने भाई और बेटे के नाम से दो सरकारी शौचालय का निर्माण वर्ष 2021-22 में कराया है। आलीशान मकान बना हुआ है, जिसकी कीमत करीब 30 लाख से अधिक है।
अपात्र होने के बाद भी सरकारी पैसे का दुरुपयोग करके शौचालय बनवाया गया है। शौचालय की मंजूरी देने वाले पंचायत सचिव के खिलाफ भी जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में पुराने शौचालय को नया दिखाकर पैसा निकाल कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। इसकी जांच की जा रही है।
करीब 24 मुकदमे हनीफ पर दर्ज हैं। उसकी 1.28 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। एक पैनल बनाया गया है, जिसकी कमान तहसीलदार के पास है। ग्राम सभा की भूमि से यदि दुकानें न हटाई गईं, तो उन पर भी शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
- श्रद्धा सिंह, एसडीएम