चार सौ रुपये किलो तक हैं ये विदेशी फल
मैलानी। छठपूजा को देखते हुए यहां बाजार में फलों की दुकानें सज गई हैं। इस बार यहां बाजार में बेमौसम फलों के साथ ही चाइना और ऑस्ट्रेलिया के फल भी बिकने के लिए आए हैं। हालांकि, यह काफी महंगे हैं।
छठ पूजा में फलों का विशेष महत्व है। दुकानों पर मौसमी, बेमौसमी फलों के साथ ही चाइना और ऑस्ट्रेलिया के फल भी आ गए हैं, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। एक दुकान पर ऑस्ट्रेलिया का पुलम, बब्बूगोसा और चाइना का ड्रैगन फ्रूट मौजूद है। दुकानदार रूपराम ने बताया कि ऑस्ट्रेलियाई पुलम चार सौ, बब्बूगोसा दो सौ रुपये किलो है तो चाइनीज ड्रैगन फ्रूट का दाम डेढ़ सौ रुपये प्रति नग है। इसके अलावा बेमौसमी फल भी बाजार में उपलब्ध हैं।
नाशपाती जैसा है ऑस्ट्रेलियाई बब्बूगोसा
ऑस्ट्रेलियाई फल बब्बूगोसा भले ही विदेशी फल है, लेकिन देखने में यह हूबहू अपने यहां बिकने वाली नाशपाती जैसा फल है। जानकारी न होने पर तो एकबारगी लोगबाग इसे नाशपाती ही समझते हैं।
लीची सबसे महंगी, थोक मंडी में आठ सौ रुपये किलो
इस वक्त का सबसे महंगा बेमौसमी फल लीची है। फल विक्रेता रूपराम ने बताया कि लखनऊ की फल मंडी में ही लीची का थोक भाव आठ सौ रुपये किलो है तो फुटकर में इसे किस भाव बेचा जाए। अत्यधिक महंगा होने की वजह से वह छठ पूजा के मौके पर भी लीची को अपनी दुकान पर बेचने के लिए नहीं लाए हैं।