रेललाइन कटने से घुसा गांवों में पानी
जिसमें कहा गया कि रेललाइन कटने से रेलवे फाटक के पूरब की तरफ के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। हजारों एकड़ फसलें भी बाढ़ के पानी से बर्बाद हो गईं। राजमार्ग प्रभावित होने से रोजमर्रा की जरूरी चीजें गैस सिलेंडर, खाद्य सामग्री भी नहीं मिल पा रही है। रेलवे पर आरोप लगाया कि लाइन कटने से पूर्व ही ग्रामीणों ने रेलवे को आगाह कर पत्थर व बोल्डर आदि भेजने को कहा था। अगर रेलवे पत्थर भेज देता तो ग्रामीण कार्यसेवा कर उस हल्की कटी रेललाइन को पाटकर बचा लेते।
ज्ञापन में पलिया-भीरा के बीच कटी रेल लाइन का बंधा बनाकर ध्वस्त हुई सड़क में पत्थर जाली डलवाकर पटान कराते हुए रोड की मरम्मत कराने, वाहनों का आवागमन शुरू कराने की मांग की गई है। इस दौरान संगठन के तहसील अध्यक्ष तरसेम सिंह, तेजिंदर सिंह तेजी, रामकुमार, अवतार सिंह, अमरजीत सिंह, बलवीर सिंह, कमरदीप कुमार, हरिंदर सिंह, विक्रम सिंह, इकबाल सिंह समेत भारी संख्या में किसान व बाढ़ पीड़ित मौजूद रहे।