फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंचायतों के गठन के चार महीने बाद भी 12 ग्राम पंचायतों के खाते चालू नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
15वें वित्त आयोग से कुल 1165 ग्राम पंचायतों को अब तक मिले 80 करोड़
विज्ञापन

पांचवें वित्त आयोग ने भेजे करीब नौ करोड़ रुपये
लखीमपुर खीरी। जिले में ग्राम पंचायतों के गठन के चार महीने बीतने के बावजूद अब तक 12 ग्राम पंचायतों के खाते नहीं चालू हो पाए हैं, जिससे इन पंचायतों में विकास कार्य रुक गए हैं। केंद्र सरकार ने अब तक जनपद की कुल 1165 ग्राम पंचायतों को दो किस्तों में 80 करोड़ रुपये भेजे हैं, जबकि पांचवें वित्त आयोग से एक किस्त में करीब नौ करोड़ रुपये भेजे गए हैं। खाता न खुलने की वजह अधिकारी तकनीकी खामियां बता रहे हैं।
मई 2021 में प्रधानों के शपथ ग्रहण करने के बाद से चार माह बीत चुके हैं। इस दौरान शुरुआत के करीब एक महीने तक प्रधानों और सचिवों के संयुक्त हस्ताक्षर से खाता खोलने की प्रक्रिया चली, जिसके बाद ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की शुरुआत हो गई, लेकिन 12 ग्राम पंचायतों में अब तक विकास कार्यों की शुरुआत ही नहीं हो पाई है। अधिकारियों की दलील है कि पीएफएमएस में तकनीकी खामी से प्रधानों के डोंगल काम नहीं कर रहे हैं तो कुछ ग्राम पंचायतों में सचिवों से तालमेल न होने के कारण भी खाता संचालन नहीं हो पा रहा है। इनमें खाता संचालन न होने के लिए तकनीकी कारणों को जिम्मेदार बताया जा रहा है।
विज्ञापन

डीपीआरओ सौम्य शील सिंह का कहना ने बताया कि अब तक केंद्र सरकार से 1165 ग्राम पंचायतों को दो किस्तों में 80 करोड़ रुपये और पांचवें राज्य वित्त आयोग से नौ करोड़ रुपये भेजे गए हैं। हालांकि वह कौन सी 12 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें खाता नहीं चालू हो सका है, इसका जवाब विभाग के पास नहीं है।
धौरहरा की बबुरी पंचायत में नहीं खुला खाता
धौरहरा। ब्लॉक की ग्राम पंचायत बबुरी का अभी खाता शुरू नहीं हो सका है, जिससे गांव में प्रस्तावित विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही गो आश्रय स्थल की व्यवस्था भी गड़बड़ा रही है। बताते हैं कि सचिव का तबादला करवाने के लिए डीपीआरओ को प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन चार माह बीतने के बाद भी सचिव का तबादला नहीं हुआ है। इससे गांव में कराए जाने वाले विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्राम प्रधान प्रीती वर्मा की मांग पर बीडीओ धौरहरा ने ग्राम पंचायत बबुरी का कार्य देख रहे सचिव राम मिलन को हटाकर दूसरे सचिव को ग्राम पंचायत में तैनात करने का प्रस्ताव डीपीआरओ कार्यालय भेजा था। वहीं ग्राम प्रधान का कहना है कि सचिव की तैनाती न होने से ग्राम पंचायत का खाता नहीं खुल पाया है। इससे विकास कार्य जैसे इंटरलॉकिंग सड़क, नालियां, मनरेगा श्रमिकों का भुगतान सहित गो आश्रय स्थल में चारा पानी उपलब्ध कराने में दिक्कतें आ रही हैं।
विज्ञापन

वर्तमान में विभिन्न कारणों से 12 ग्राम पंचायतों में खाता संचालन नहीं हो पा रहा है, जिससे इनमें जल्द खाता संचालन कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायत सहायकों की भर्ती प्रक्रिया संचालित होने के कारण अभी सचिवों के तबादले नहीं किए जा रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही जरूरी स्थानों पर सचिवों का फेरबदल किया जाएगा।
- सौम्य शील सिंह, डीपीआरओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें