नन्हीं हथिनी का नामकरण होते ही जंगल तालियों की गड़गड़हाट से गूंज उठा। नन्हीं हथिनी के आने से दुधवा के सलूकापुर बेस कैंप में खुशी का माहौल है। इससे पांच साल पहले बिजनौर के अमानगढ़ से लाई गई नन्हीं हथिनी को नवरात्र में लाए जाने के कारण उसे दुर्गा नाम दिया गया था।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ललित कुमार वर्मा ने बताया कि नजीबाबाद से लाई गई नन्हीं हथिनी को गौरी नाम दिया गया है। सलूकापुर बेस कैंप में रखकर उसकी अच्छे ढंग से देखभाल की जा रही है। उसे बोतल से दूध पिलाया जा रहा है। गौरी के स्वास्थ्य की भी नियमित जांच कराई जा रही है।