महेवागंज/सुंदरवल। फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के राजापुर गांव के बाहर बाग में शनिवार को एक युवक का क्षत-विक्षत शव मिला। परिजन ने रंजिश से तो इन्कार किया मगर हत्या की आशंका जताई है। पुलिस इसे हिंसक वन्य जीव का हमला बता रही है। सूचना पर एएसपी अरुण कुमार सिंह और सीओ धौरहरा टीएन दुबे ने भी मौका मुआयना किया।
पुलिस के मुताबिक, थाना क्षेत्र के राजापुर गांव निवासी अशोक कुमार (35) पुत्र स्व. रामस्वरूप बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे घर से जानवरों के लिए घास काटने गया था। शाम तक घर वापस न आने पर परिजन ने गांव, खेत, रिश्तेदारी समेत हर जगह तलाश किया लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका। शुक्रवार सुबह जब गांव वाले खेतों की ओर गए तो कुड़वा तालाब के पास रामचंद्र वर्मा के बाग में आम के पेड़ के नीचे अशोक का क्षत-विक्षत शव पड़ा देखा।
सूचना पर पुलिस के साथ डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर जाकर पड़ताल की। पुलिस ने परिजन को समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन रोते बिलखते अशोक की हत्या की बात कहते रहे। शव के पास हंसिया, खुरपी, चप्पल, रुमाल और घास भरी बोरी भी मिली। इसे पुलिस टीम ने कब्जे में लिया है।
पुलिस प्रथम दृष्टया जंगली जानवर के हमले में मौत की आशंका जता रही है तो परिजन हत्या की बात कह रहे हैं। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया है। सीओ धौरहरा टीएन दुबे का कहना है कि परिजन की तरफ से पोस्टमार्टम कराने की तहरीर मिली है। किसी से रंजिश से इन्कार किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि हत्या हुई है कि किसी जानवर के हमले से मौत हुई है।
किसी के गले नहीं उतर रही पुलिस की थ्योरी- अशोक की मौत के मामले में पुलिस की थ्योरी किसी के गले नहीं उतर रही है। वन विभाग के कर्मचारियों ने पुलिस के दावे को खारिज करते हुए कहा कि शव के पास किसी हिंसक जीव के पगमार्क नहीं मिले। हालांकि आसपास के खेतों में जंगली सुअर के पगमार्क मिले हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सिर और गले पर धारदार हथियार के घाव देखे गए।
राजापुर निवासी अशोक का शव देख लोग विचलित हो गए। कमर से ऊपर का हिस्सा रक्त रंजित मिला। पेट फटा हुआ और अंतड़ियां बाहर निकली मिलीं। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो सिर और गले पर भी किसी धारदार औजार के निशान हैं। शव के पास लोगों को कोई पग मार्क नहीं मिले हैं। परिजन और ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई जानवर हमला करता तो मृतक पहले जान बचाकर भागता और शोर मचाता। घर और गांव करीब होने के बावजूद किसी को घटना की आहत तक नहीं लग सकी।
‘वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया है। आस पास के खेतों में जंगली सुअर के पगचिन्ह मिले हैं, जबकि अशोक के शव के पास किसी हिंसक जीव के पगमार्क नहीं देखे गए।’
एनके राय, रेंजर, शारदानगर वन रेंज