जिला अस्पताल में खून की जांच को उमड़ लोग
डेंगू से बढ़ते मौत के मामलों से लोग खौफज़दा हैं, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। लिहाजा बुखार से पीड़ित मरीज और उनके परिवार वाले डेंगू की आशंका से डर रहे हैं। इससे बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या जिला अस्पताल में तेजी से बढ़ने लगी है। बृहस्पतिवार को खून की जांच के लिए दिन भर लैब में लंबी लाइन लगी रहीं।
जिले में अब तक 24 से अधिक बुखार पीड़ितों की मौत हो चुकी है, जिनमें कुछ मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। इसलिए माना जा रहा है कि बुखार से होनी वाली अधिकतर मौतों का कारण डेंगू ही है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी जिले में डेंगू के मरीज मिलने की पुष्टि की है, लेकिन मौतों के आंकड़े से अभी अंजान बना हुआ है। खास बात यह है कि अब तक डेंगू से बचाव के लिए विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। अधिकतर सीएचसी और पीएचसी पर खून जांच की सुविधा नहीं है। लिहाजा लोगों का रुख जिला अस्पताल की ओर है, जिससे मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में 300 से अधिक मरीज आए, जिनमें ज्यादातर मामले बुखार के थे।
डेंगू के प्रकोप से अधिवक्ता आंदोलित, डीएम को ज्ञापन
लखीमपुर खीरी। डेंगू के चलते आए दिन हो रही मौतों के मामले को संज्ञान में लेते हुए हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को फटकार लगाते हुए राष्ट्रपति शासन लगाने की चेतावनी दी है। वहीं वकीलों में भी लापरवाह प्रशासन के खिलाफ अलख जगी है। सिविल कोर्ट के वकीलों ने गुरुवार को जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। फिर डीएम को दो सूत्री ज्ञापन देते हुए दवा छिड़काव, नालियों की नियमित साफ सफाई और नाला झाड़ को साफ कराने की मांग की।
प्रदर्शन कर ज्ञापन देने वालों में जिला अधिवक्ता संघ के महामंत्री अशोक शुक्ला, राहुल तिवारी हिंदू जागरण मंच, रमाकांत दीक्षित, अजय सिंह चौहान, अजय मिश्र मोहम्मद इसहाक, बृजेश पांडेय जमील अहमद, नितिन गुप्ता, संजय सिंह, हेमंत गुप्ता, शिव कुमार श्रीवास्तव, मनेाज सिंह चौहान दिवाकर सिंह, ओम प्रकाश वर्मा सहित तमाम वकील मौजूद रहे।