10 एकड़ भूमि पर गलत तरीके से आदेश करने का मामला
तहसीलदार और एक सेवानिवृत्त तहसीलदार के अलावा तीन-चार अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। सीजेएम कोर्ट के आदेश पर यह मुकदमा 10 एकड़ भूमि पर गलत आदेश करने पर दर्ज किया गया है।
उत्तराखंड के काशीपुर निवासी रतन सिंह की 10 एकड़ भूमि तिकुनियां कोतवाली के गांव गंगानगर में थी। उन्होंने वर्ष 2007 में अपनी भूमि की बिक्री करते हुए गंगानगर की संदीप कौर पत्नी लखविंदर कौर के नाम बैनामा करा दिया था। इसी भूमि पर मालिकाना हक जताते हुए इसी गांव के कर्मजीत ने दाखिल खारिज पर रोक लगवाने के लिए आपत्ति दर्ज कराई थी। मामला सही होने के कारण दाखिल खारिज हो गई थी। इस संबंध में कर्मजीत ने तत्कालीन एसडीएम को एक शिकायती पत्र देकर यह मांग की थी कि रतन सिंह के पास अधिक भूमि है, इसे सीलिंग में दर्ज किया जाए। नायब तहसीलदार को मिली जांच में कर्मजीत का आरोप गलत पाया गया। उसके बाद कर्मजीत ने मामले को तहसीलदार के यहां दायर किया। आरोप है कि कर्मजीत ने 19 जनवरी को अपनी पत्नी मिलकीत सिंह के नाम तत्कालीन तहसीलदार रामऔतार से साठगांठ कर एक फर्जी आदेश कराककर संदीप कौर का नाम हटवाकर मिलकीत सिंह का नाम दर्ज करवा दिया। इस बात की भनक जब संदीप कौर को हुई तो उसने तत्कालीन एसडीएम से शिकायत की। एसडीएम ने एक बार फिर मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी। प्रभारी तहसीलदार ने मामले को गलत मानते हुए मिलकीत सिंह का नाम हटाकर संदीप कौर के नाम भूमि दर्ज करा दी। आरोप है कि एक बार फिर मिलकीत सिंह ने वर्तमान तहसीलदार जगदीश सिंह से साठगांठ कर भूमि अपने नाम करवा ली। आरोप है कि कई बार गलत आदेश पर उसने कोर्ट की शरण ली। इस पर सीजेएम अनामिका सिंह के आदेश पर पुलिस ने वर्तमान तहसीलदार जगदीश सिंह, रिटायर्ड तहसीलदार रामऔतार, मिलकीत कौर, कर्मजीत सिंह के अलावा तीन चार अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 419, 420, 467,468, 471, 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।