लखीमपुर खीरी/महेवागंज। थाना फूलबेहड़ के गांव लोकई पसियनपुरवा में अवैध संबंधों में बाधक बनी पत्नी को उसका पति दवाई दिलाने के बहाने शुक्रवार को घर से ले गया और रास्ते में गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। उसी दिन देर शाम उसके शव को जंगल में ले जाकर फूंक दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने चिता की राख कब्जे में ली है। पुलिस ने मृतका के भाई की ओर से पति, ग्राम प्रधान समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य नष्ट करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कोतवाली धौरहरा के गांव कुम्हैना निवासी रामप्रताप ने बताया कि उसकी बहन ऊषा देवी(45) थाना फूलबेहड़ के गांव लोकई पसियनपुरवा निवासी रमाकांत को ब्याही थी। पति रमाकांत उसकी बहन को दो-तीन सालों से मारपीट कर प्रताड़ित करता था, जिसकी शिकायत भी बहन ने मायके में की थी। इस पर पति रमाकांत को समझाया गया, लेकिन वह नहीं माना। नौ जून की शाम रमाकांत बहन ऊषा देवी को साइकिल पर बैठाकर दवाई दिलवाने के बहाने घर से ले गया और रास्ते में उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव साइकिल में बांधकर घर पहुंचा और बिनी किसी को सूचना दिए हुए कुछ लोगों की मदद से शव गांव से कुछ दूर स्थित जंगल में ले गया, जहां शव जला दिया। इसी बीच उसके भांजों ने मां की मौत होने की जानकारी दी, जब वह गांव पहुंचे तो पता चला कि शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है। इस पर उन्होंने मामले की सूचना यूपी 100 को दी। सूचना पर पुलिस जब तक मौके पर पहुंचती, इससे पहले ही चिता जलकर राख हो चुकी थी। पुलिस ने मौके से राख को कब्जे में लिया है। सूचना मिलने पर सीओ धौरहरा निर्मल कुमार विष्ट भी मौके पर पहुंचे और घटना की बारीकी से जानकारी ली।
सीओ निर्मल कुमार विष्ट ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात साफ हुई है कि आरोपी पति के गांव की एक महिला से अवैध संबंध थे, जिसका उसकी पत्नी विरोध करती थी। इसी के चलते पति ने उसकी हत्या कर दी और शव जला दिया। पुलिस ने भाई रामप्रताप की ओर से पति, उसके भाई रामगुलाम, ग्राम प्रधान अवनीश और कैलाश यादव के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। घटना के बाद से आरोपी फरार हैं। आरोपियों की तलाश की जा रही है।