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Lakhimpur Kheri: एसडीएम से मिलने तहसील पहुंचे सीएचसी अधीक्षक को पीटा, वकील समेत चार पर रिपोर्ट

Sat, 04 May 2024 06:34 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि आरोपी वकील मनोज श्रीवास्तव और मनुज बाजपेई पहले भी अभद्रता कर चुके हैं। धमकी भी दी थी। शनिवार को उन पर हमला कर दिया। सीएचसी अधीक्षक ने वकील समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। 
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. गणेश कुमार (नीली शर्ट) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में विभागीय कार्य को लेकर एसडीएम से मिलने तहसील पहुंचे सीएचसी अधीक्षक और बीसीपीएम की पिटाई कर दी। इससे हंगामा हो गया। सूचना पर पहुंचे कोतवाल ने सीएचसी अधीक्षक को वहां से बचाकर निकाला। मामले में वकील समेत दो नामजद और दो अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। घटना तहसील के सीसीटीवी फुटेज में कैद नहीं हुई। कैमरे खराब बताए गए हैं।

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गोला सीएचसी अधीक्षक डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि वह शनिवार की दोपहर शहरी टीकाकरण मानव संसाधन एवं रोगी कल्याण समिति की बैठक और अग्रिम कार्रवाई के दस्तावेज लेकर एसडीएम से मिलने गए थे। उनके साथ ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक (बीसीपीएम) योगेश कुमार भी थे। उस वक्त एसडीएम नहीं थे। इसी दौरान अधिवक्ता मनोज श्रीवास्तव दो-तीन अन्य लोगों के साथ वहां आ गए और गाली-गलौज करने लगे। 

विरोध करने पर एसडीएम स्टेनो भगवती गुप्ता व अर्दली मुबारक अली के सामने मारने-पीटने लगे। बचाव में आए बीसीपीएम की भी पिटाई कर दी। सरकारी दस्तावेज फाड़ डाले। उन्होंने किसी तरह एसडीएम चेंबर में घुसकर खुद को बचाया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक इंद्रजीत सिंह ने उन्हें एसडीएम कार्यालय से निकालकर पीएचसी पहुंचाया। सीएचसी अधीक्षक का कार्यालय पीएचसी में ही है।
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आरोपियों ने पूर्व में दी थी धमकी
सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि आरोपी मनोज श्रीवास्तव और मनुज बाजपेई पहले भी अभद्रता कर चुके हैं। धमकी भी दी थी। मनुज बाजपेई ने सोशल मीडिया पर भी धमकी दी थी। आरोप है कि शिकायत पर ठोस कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद थे। उनकी जान पर खतरा बन गया है। प्रभारी निरीक्षक इंद्रजीत सिंह ने बताया कि सीएचसी अधीक्षक के साथ तहसील में मारपीट की गई है। मनोज श्रीवास्तव, मनुज बाजपेई और दो अज्ञात के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

यह है घटना की वजह
सीएचसी अधीक्षक और मनुज बाजपेई के बीच करीब एक वर्ष से आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। अधीक्षक ने बताया कि मनुज बाजपेई महिला चिकित्सकों के पास बैठता था। इससे महिला मरीजों को दिक्कत होती थी। मामले की जानकारी होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए मनुज बाजपेई को अस्पताल में न आने की हिदायत दी गई थी। इसे लेकर मनुज बाजपेई रंजिश मानने लगा। मनोज श्रीवास्तव, मनुज बाजपेई के करीबी हैं।
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बार संघ सभागार में वकीलों संग बैठक कर रहे थे मंत्री 
जिस समय सीएचसी अधीक्षक और बीसीपीएम के साथ मारपीट की गई। उसी दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री एवं सांसद अजय मिश्र टेनी तहसील परिसर में बार संघ सभागार में वकीलों के साथ बैठक कर रहे थे। चंद कदमों की दूरी पर एसडीएम चेंबर के पास राजपत्रित अधिकारी से मारपीट किया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है। एसडीएम और अन्य कार्यालयों के पास लगे सीसीटीवी कैमरे भी काम नहीं कर रहे हैं।

सेंट्रल बार एसोसिएशन गोला के अध्यक्ष राकेश कुमार वर्मा ने कहा कि जिस समय का मामला बताया जा रहा है। हम लोग बार संघ सभागार में सांसद के कार्यक्रम में थे। सीएचसी अधीक्षक के साथ इस तरह का कृत्य वास्तव में निंदनीय है। यदि यह कृत्य बार संघ के किसी सदस्य की ओर से किया गया है तो सेंट्रल बार एसोसिएशन उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई करेगी।

तहसीलदार गोला सुखबीर सिंह ने बताया कि एसडीएम और मैं ईवीएम प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला मुख्यालय पर आया हूं। मामला संज्ञान में आया है। प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
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