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मवेशी काटने का वीडियो वायरल, तीन आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट

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विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष की तहरीर पर दर्ज की गई रिपोर्ट
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एसपी बोले, वीडियो में दिख रहा मवेशी भैंस वंशीय, तलाशे जा रहे हैं तीनों आरोपी
चपरतला/लखीमपुर खीरी। मैगलगंज थाना क्षेत्र के कस्बा औरंगाबाद का मांस काटते हुए एक वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। उधर, विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कर लिया। शाम को आरोपियों की पहचान कर ली गई। एसपी विजय ढुल के मुताबिक, पशु चिकित्सक ने गोकशी की बात नकारते हुए वीडियो में दिख रहे मवेशी को भैंस वंशीय बताया है।
बृहस्पतिवार की सुबह सोशल मीडिया पर एक मवेेशी काटते हुए वीडियो वायरल हुआ तो खलबली मच गई। वीडियो मैगलगंज थाना क्षेत्र के औरंगाबाद कस्बे का बताया गया। मसले की गंभीरता देखते हुए एसपी विजय ढुल मय फोर्स लेकर औरंगाबाद कस्बा पहुंचे, जहां का वीडियो होने का दावा किया गया था। एसडीएम और सीओ मितौली के साथ पहुंचे एसपी ने बताया कि घटनास्थल पर फैला खून सूखा हुआ था, जिससे घटना एक दिन पुरानी हो सकती है।
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उन्होंने बताया कि घटना की सत्यता जानने के लिए पशु चिकित्सक डॉ. पंकज वर्मा को भी मौकेे पर बुलाया गया, जिन्होंने वीडियो देखकर गोकशी की बात से इनकार करते हुए मांस को भैंस वंशीय मवेशी बताया है।
उधर, इस मामले में विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष राम शंकर गुप्ता की तहरीर पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत वीडियो में दिख रहे तीन अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया। देर शाम पुलिस ने वायरल वीडियो में दिख रहे आरोपियों की पहचान भी कर ली है।
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आरोपियों की पहचान हुई, नाम बताने से इनकार
एसपी विजय ढुल ने बताया कि एक मवेशी का मांस काटते वीडियो वायरल हुआ था। देर शाम वीडियो में दिख रहे आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ पशु क्रूरता का मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि वह कौन लोग हैं, जिनकी पहचान हुई है, उनका नाम बताने से उन्होंने इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास सिर्फ मीट बेचने का लाइसेंस है। इस तरीके से खुले में पशु क्रूरता अपराध है।
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