शहर से लेकर गांवों तक की सड़कें खस्ताहाल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चलाए गए गड्ढामुक्त अभियान को अभी एक साल भी नहीं बीता फिर सड़कों में गड्ढे नजर आने लगे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश बाद करीब 1560 किलोमीटर से अधिक सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया था, लेकिन सालभर होने से पहले ही सड़कें फिर जर्जर हो गईं। गड्ढामुक्त अभियान में करोड़ों का बजट खपाया गया था। इससे साफ है कि सड़क की मरम्मत में घटिया सामग्री लगाई गई।
शहर में कचहरी रोड पर गड्ढे ही गड्ढे हो गए हैं। इस मार्ग पर ही सांसद का जनसंपर्क कार्यालय भी है। वहीं सभी अधिकारी भी इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन कोई पुरसाहाल नहीं है। कुंभी से मूड़ाखालसा होकर बस्तौली जाने वाला मार्ग काफी समय से जर्जर है। कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जो मौत को दावत देते हुए नजर आते हैं। यह मार्ग कुंभी से बस्तौली होते हुए टेढ़ेनाथ धाम के लिए जाता है। दूसरा मार्ग मोहम्मदी लखीमपुर मार्ग से लिंक मार्ग रसूलपुर के लिए भी काफी जर्जर हाल में है। तीसरा मार्ग परसपुर से अमीरनगर के लिए और चौथा मार्ग अमीरनगर से देवरिया के लिए, पांचवां मार्ग देवरिया से नौबाखेड़ा के लिए जाने वाले मार्ग पर भी गड्ढे हो गए हैं। उधर बांकेगंज विकास खंड इलाके में प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत दो साल पहले बांकेगंज-कुकरा और गोला के बीच निर्माण कराई गई सड़क टूट कर जर्जर हो गई है, जिससे इस सड़क पर गुजरने वाले लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ी है। लोगों की शिकायत के बावजूद महकमा ने इस सड़क का मेंटीनेंस नहीं करा रहा है। इसको लेकर लोगों में गुस्सा है।
बनने के साथ उखड़ रही सड़क
निघासन। क्षेत्र में सड़क मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। सड़क बनने के साथ उखड़ रही है। अदलाबाद से टहारा जाने वाले बंधा मार्ग का निर्माण करीब 12 साल बाद हुआ था। सड़क बनने के बाद एक माह भी नहीं बीता और सड़क उखड़ने लगी। उसके बाद उसकी पैच रिपेयरिंग भी कराई गई ,लेकिन एक तरफ सड़क में गड्ढे भरे गए तो दूसरी ओर उखड़ रही है। वहीं ढखेरवा रोड से प्रीतम पुरवा मार्ग का निर्माण मंडी समिति ने कराया था। यह सड़क भी बनने के साथ उखड़ रही है। यही हाल पतिया से गदियाना जाने वाले मार्ग का है। यहां पर भी सड़क बनने के तुंरत बाद से जर्जर हो गई है। निघासन से झंडी मार्ग पर गड्ढे भरने का कार्य किया गया था। इस सड़क के गड्ढों से बजरी का नामोनिशान मिट रहा है। कई स्थानों पर मिट्टी डालकर गड्ढे पाटे गए हैं।
मोहम्मदी में नहीं हुई गड्ढा मुक्त सड़कें
मोहम्मदी। तहसील क्षेत्र की कई सड़कें ऐसी है, जिनकी मरम्मत वर्षों से नहीं हुई है। मुख्यमंत्री योगी जी ने भी गड्ढा मुक्त का आदेश देकर सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने को कहा था, लेकिन यह केवल रस्म अदायगी भर हुई। मोहम्मदी पुवायां मार्ग, मोहम्मदी से पुवायां बैरियर तक, मोहम्मदी-गुलौली मार्ग, बरवर-मोहम्मदी मार्ग पर अब भी सड़कों पर गड्ढे मौजूद हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बरवर-औरंगाबाद मार्ग पर गोमती पुल के आस पास कई किमी सड़क अधूरी छोड़ दी गई, बरवर-मोहम्मदी और मोहम्मदी-पुवायां सड़क पर दो पुलिया अधूरी बनी छोड़ दी गई।
जर्जर सड़क पर निकलना मुश्किल
रजागंज। गोला लखीमपुर मार्ग से भल्लिया बुजुर्ग टेडवा लिंक मार्ग से दर्जनों गांवों के मुख्य मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो जाने से अब उस पर पैदल निकलना तक मुश्किल हो रहा है।
तीनों डिवीजनों में मिलाकर कुल 1599.22 किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का लक्ष्य था, जिसमें से अब तक 1560.75 किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया गया है। अवशेष लक्ष्य को भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। जिन सड़कों पर गड्ढे हुए हैं, उसके पीछे ओवरलोड और जलभराव आदि कारण हैं। फिलहाल ऐसी जर्जर और गड्ढों वाली सड़कों को चिह्नित कर मरम्मत कराई जाएगी।
एके वर्मा, अधिशाषी अभियंता, प्रांतीय खंड