सहकारी गन्ना समिति सदस्यों ने एजीएम में हंगामा काटा
- उपज बढ़ोत्तरी का लाभ न दिए जाने से थे खफा
अमर उजाला ब्यूरो
जंगबहादुरगंज।
सहकारी गन्ना विकास समिति की बासठवीं वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में उपज बढ़ोत्तरी की धनराशि जमा कराए जाने के बाद भी उपज बढ़ोत्तरी का लाभ न दिए जाने पर सदस्यों ने हंगामा काटा। उन्होंने इसे किसान विरोधी बताया।
समिति चेयरमैन ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित एजीएम में वर्ष 2018-19 का आय-व्यय का बजट प्रस्तावित किया गया, जिसमें 78,49,921 रुपये का लाभ का प्रस्ताव पेश किया गया। बैठक में रामप्रकाश सिंह ने ओवरवेट के नाम पर अवैध तरीके से पर्ची काटे जाने का विरोध किया। उन्होंने इसे किसानों के साथ धोखा बताया। सदन में मौजूद सदस्यों ने इसका समर्थन किया। अजबापुर मिल के केन हेड सुभाष चंद्र ने बताया कि चालू पेराई सत्र में 25 प्रतिशत गन्ना क्षेत्रफल और 25 प्रतिशत ही गन्ने की उपज बढ़ी है, जिस कारण दिक्कतें आई हैं। मिल इस सत्र में अब तक पिछले सत्र से ज्यादा गन्ने की पेराई कर चुकी है। क्षेत्र का समस्त गन्ना पेरने के बाद ही मिल बंद होगी। एससीडीआई संजय सिंह ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग फर्जी सट्टे के माध्यम से मिल में गन्ने की सप्लाई कर रहे हैं, वे फर्जी सट्टा बंद कर दें नहीं तो उनपर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। संचालन कर रहे समिति सचिव ने बताया कि पिछले चार सालों में 4700 फर्जी सट्टे बंद किए जा चुके हैं। उन्होंने स्टाफ की कमी के चलते कार्यों में आने वाली दिक्कतों से अवगत कराया। बैठक में कोई भी महिला संचालक या डेलीगेट नहीं शामिल हुई। इस दौरान अजबापुर चीनी मिल गन्ना प्रबंधक डॉ हरेंद्र कुमार त्रिपाठी, गौरव रस्तोगी, संजय सिंह, आदित्य अग्निहोत्री, संतोष यादव, उमेश दीक्षित, सत्यदेव पांडेय, मुन्नेद्र सिंह, अनूप सिंह, राजेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।