पिछले साल हुई थी आठ हजार किलोमीटर पेट्रोलिंग
अबकी वन कर्मियों ने छान डाला जंगल का चप्पा-चप्पा
लखीमपुर खीरी। ग्लोबल टाइगर डे के मौके पर दुधवा टाइगर रिजर्व में 24 घंटे के अंदर 25200 किलोमीटर पेट्रोलिंग कर अपने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। पिछले साल टाइगर डे पर सिर्फ आठ हजार किलोमीटर पेट्रोलिंग हुई थी और इस बार दस हजार किलोमीटर पेट्रोलिंग का लक्ष्य रखा गया था।
ग्लोबल टाइगर डे पर दुधवा टाइगर रिजर्व में 28 जुलाई की रात 12 से 29 जुलाई की रात 12 बजे तक अधिकारियों और वन कर्मियों की टीमों ने लगातार पेट्रोलिंग की। इस साल रिकार्ड तोड़ हुई लांगरूट पेट्रोलिंग में खास बात यह रही कि हाल में दुधवा को मिले अंतराष्ट्रीय सम्मान से अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्साह दूना हो गया। इन अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस बार लक्ष्य से ढाई गुना ज्यादा यानी 25200 किलोमीटर की लांगरूट पेट्रोलिंग कर डाली। पेट्रोलिंग के दौरान वन कर्मी उन दुर्गम स्थलों पर भी पहुंचे जहां आमतौर पर पहुंचना मुश्किल होता है। जंगल के चप्पे-चप्पे पर पेट्रोलिंग की गई। भारत-नेपाल सीमा पर पेट्रोलिंग टीमों ने खास निगरानी की।
दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक / फील्ड निदेशक संजय पाठक के निर्देशन में आयोजित इस लांगरूट पेट्रोलिंग में दुधवा टाइगर रिजर्व के तीनों प्रभाग दुधवा नेशनल पार्क, बफर जोन और कतर्निया घाट (वन्यजीव विहार) के अधिकारी और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। लांगरूट पेट्रोलिंग में दुधवा नेशनल पार्क डिवीजन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने 15500 किलोमीटर पेट्रोलिंग कर कीर्तिमान बनाया। इसके अलावा बफर जोन में 1928 किलोमीटर और कतर्निया घाट डिवीजन में 7721 किलोमीटर लांगरूट पेट्रोलिंग हुई।
एफडी संजय पाठक ने बताया कि वनाधिकारियों और फील्ड कर्मियों के अलावा स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (एसटीपीएफ), एसएसबी के जवान और पहली बार महिला कांस्टेबलों ने लांगरूट पेट्रोलिंग की। इसमें सभी रेंजों में गठित टीमों ने दुर्गम स्थलों पर विभिन्न साधनों साइकिल, बाइक, मोटर बोट, नाव, जालीदार ट्रैक्टर, जीप और पैदल गश्त के जरिए पेट्रोलिंग की गई।