साजिश क्यों नहीं भांप पाई पुलिस
एक अन्य पूर्व पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस के पास पर्याप्त जासूसी नेटवर्क एलआईयू के रूप में होता है। पुलिस अधिकारियों के पास मुखबिरों का भी अपना नेटवर्क होता है। यदि यह मान लिया जाए कि लखीमपुर खीरी में हिंसा की साजिश रची गई तो भी पुलिस इस साजिश को भांप पाने में नाकाम रही। यह उसकी बड़ी असफलता है।
छवि खराब करने की कोशिश- भाजपा
उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने अमर उजाला से कहा कि लखीपुर खीरी की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके जांच के लिए तत्काल आदेश दे दिये हैं। इस घटना के सभी अपराधियों को जल्द से जल्द सामने लाया जाएगा और कोई अपराधी कितना भी बड़ा रसूखदार व्यक्ति हो, उसके विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा नेता ने कहा कि लखीमपुरखीरी की घटना के कुछ वीडियो सामने आए हैं जिससे यह साफ लग रहा है कि किसानों के बीच घुसकर कुछ लोगों ने माहौल को जानबूझकर खराब करने की कोशिश की है। घटनास्थल से बहुत दूर-दूर तक के लोगों को बुलाया गया था। इनमें वे लोग भी शामिल थे जो किसी भी तरह किसान नहीं थे। उनकी भूमिका की जांच की जाएगी और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पूरे शासनकाल में कानून-व्यवस्था को बेहद गंभीरता के साथ लिया है। अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के कारण अपराधी प्रदेश में कोई भी वारदात करने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहे हैं। लेकिन पूरी साजिश के अंतर्गत इस तरह की घटनाओं को अंजाम देकर प्रदेश की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों को जनता का समर्थन समाप्त हो गया है, यही कारण है कि अब वे किसानों के पीछे छिपकर अपना राजनीतिक हित साधने की कोशिश कर रहे हैं।