कुशीनगर जिले के दुदही क्षेत्र के बांसगांव के खैरवा टोले में बुधवार को तीन वर्ष के एक बच्चे की मौत हो गई। यह बच्चा तीन दिनों से बुखार से जूझ रहा था। दुदही सीएचसी में इलाज के बाद उसकी हालत नहीं सुधरी तो डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां पहुंचने से पहले उसकी मौत हो गई। इस टोले में तकरीबन 20 दिनों के भीतर चार बच्चों में मस्तिष्क ज्वर होने की पुष्टि डॉक्टर कर चुके हैं।
इस वजह से गांव के लोग बीमारी को लेकर भयभीत हैं। फिर भी इस गांव में न तो नालियों की सफाई हो रही है और न कूड़े-करकट हटाए जा रहे हैं। गंदगी का अंबार लगा हुआ है। दुदही क्षेत्र के बांसगांव के खैरवा टोले में लगातार का प्रभाव निरंतर बना हुआ है। बुधवार को खैरवा टोला के धर्मेंद्र के तीन वर्ष के बेटे अंकित की बुखार से मौत हो गई।
वह तीन दिन से बुखार से पीड़ित था। बुधवार को भोर से ही तेज बुखार के साथ झटके आने लगे थे। परिजन उसे दुदही सीएचसी लेकर आए थे, जहां से डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। बच्चे की मौत के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इससे पहले खैरवा टोले के ही चार बच्चे मस्तिष्क ज्वर से पीड़ित मिल चुके हैं, जिनका इलाज मेडिकल कॉलेज में हुआ था। ग्रामीणों की तरफ से इसकी सूचना डीएम को देकर बीमारी से बचाव के लिए उचित प्रबंध करने का आश्वासन दिया गया है। डीएम ने बताया कि वह खुद गांव में जाकर स्वास्थ्य सुविधाओं और सफाई का जायजा लेंगे।