पीड़िता ने बताया कि सुबह से लेकर शाम तक दरिदें उसे कार में लेकर घूमते रहे। दिन में खाना तक नहीं दिया, सिर्फ पानी और बिस्किट दिए थे। रात को जब लेकर थाने में युवक पहुंचे थे तो जहांगीर ने इंस्पेक्टर से हाथ मिलाया और सभी साथ बैठकर चाय पीए। इसके बाद मेरे घरवालों को बुलाया गया।
इसे भी पढ़ें: 14 दिन भटका परिवार: UP में चलती कार में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म, लापरवाह थानेदार समेत तीन पुलिसवाले निलंबित
मां कार्रवाई की जिद्द पर अड़ गई और मुझे घर ले जाने से मना कर दिया। लेकिन पुलिस वाले उस दिन आरोपियों का ही पक्ष लेने लगे। किशोरी की मां ने बताया कि लग रहा था कि अब न्याय नहीं मिलेगा।
इसे भी पढ़ें: हनीट्रैप में फंसे इंजीनियर, युवती पर दर्ज कराया केस
थाने में आने पर इंस्पेक्टर अपशब्द बोलकर भगा देते थे और उनके पास ही आरोपी बैठा रहता था। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और न्याय मिला। बेटी की यह बात सुनकर पिता और बड़ी बहन की आंखें भर आईं।
इसे भी पढ़ें: मोहब्बत की सजा मौत: महराजगंज में झूठी शान के लिए युवक की पीट-पीटकर हत्या, भूसे में छिपाया था शव
जहांगीर कार्रवाई की जद में आए इंस्पेक्टर का चहेता था। चर्चा है कि थाने पर आने वाले अधिकांश मामलों में पुलिस से वार्ता इसके माध्यम से होती थी। इंस्पेक्टर का प्राइवेट वाहन लेकर बाजार और अपने गांव में घूमता रहता था।
इसे भी पढ़ें: मोहब्बत की खौफनाक सजा: युवक का शव भूसे से निकालते ही भीड़ ने घेरा आरोपियों का घर, लड़की के परिजन पुलिस से उलझे
आरोपी जहांगीर की पुलिस से नजदीकी गांव में एक जमीन पर कब्जा करने के दौरान बढ़ी। इसके बाद उसका अधिकांश समय थाने में कटता था। अगर थाने में लगे सीसीटीवी फुटेज और इंस्पेक्टर के मोबाइल का कॉल डिटेल निकाल दिया जाए तो गैंगरेप के आरोपी और पुलिस की नजदीकियों का राज खुल जाएगा।
निलंबित हुए कप्तानगंज के इंस्पेक्टर विनय कुमार सिंह ने एसपी को भी भ्रामक जानकारी दी थी। पीड़ित परिवार एसपी से मिलकर शिकायत किया था और इंस्पेक्टर की भूमिका को संदिग्ध बताया था, लेकिन जोड़तोड़ में माहिर इंस्पेक्टर ने अपने अफसर को भी गलत जानकारी देकर कुर्सी बचा ली थी, लेकिन 14 दिन बाद वीडियो वायरल होने पर सच्चाई सामने आई और इंस्पेक्टर को कुर्सी गंवानी पड़ी। कार्रवाई के जद में आए दरोगा और गैंगरेप के आरोपी जहांगीर का भी सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है।