कांस्टेबल की फुल ट्रेनिंग के लिए आरटीसी की मिली मंजूरी
200 नए कांस्टेबल को मिलेगा प्रशिक्षण, बैरक, शॉर्ट फायरिंग रेंज, गेम्स ट्रैक सहित अन्य सुविधाएं बढ़ेंगी
जनपद मुख्यालय पर उपलब्ध कराई जाएगी आरटीसी की सुविधा
अभी तक ज्वाइनिंग ट्रेनिंग कोर्स की है सुविधा
राकेश कुमार गौंड़
पडरौना (कुशीनगर)। जिले के पुलिस महकमा को बड़ी उपलब्धि मिली है। शासन से यहां रिजर्व ट्रेनिंग कोर्स (आरटीसी) की मंजूरी मिल गई है। अब यहां भी छह माह तक का कांस्टेबल का प्रशिक्षण हो सकेगा। यहां प्रशिक्षण लेने वाले रिक्रूट कांस्टेबल को छह माह में उनके दायित्वों से जुड़े हर पहलू की विस्तार से जानकारी दी जाएगी तथा उन्हें दक्ष बनाया जाएगा। इनके लिए जनपद मुख्यालय स्थित पुलिस लाइंस में बैरक, शार्ट फायरिंग रेंज और गेम्स ट्रैक आदि का निर्माण कराया जाएगा। इस आरटीसी की क्षमता 200 कांस्टेबल को प्रशिक्षण देने की है।
अभी तक कुशीनगर की पुलिस लाइंस में सिर्फ ज्वाइनिंग ट्रेनिंग कोर्स (जेटीसी) की सुविधा है। यहां कांस्टेबल के पद पर नियुक्ति के बाद एक माह तक इनका ज्वाइनिंग ट्रेनिंग कोर्स होता है तथा आरटीसी के लिए तैयार किया जाता है। इस एक माह के प्रशिक्षण में प्रमुख रूप से मूल पीटी, परेड, ड्रिल, प्लाटून और स्क्वॉड का गठन, बेसिक ड्रिल, सावधान-विश्राम, दौड़, रैंक और अभिवादन, बुनियादी अनुशासन आदि सिखाया जाता है। इसके बाद रिजर्व ट्रेनिंग कोर्स के लिए सक्षम पुलिस जिला मुख्यालय पर भेज दिया जाता है, लेकिन पुलिस प्रशासन के प्रयास से कुशीनगर जिले में भी रिजर्व ट्रेनिंग कोर्स कराए जाने की स्वीकृति मिल गई है। (संवाद)
रिजर्व ट्रेनिंग कोर्स का महत्व
पहले कांस्टेबल के प्रशिक्षण की औसत अवधि 12 महीने थी, लेकिन पुलिस विभाग में रिक्त पदों को देखते हुए कुछ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश में इस अवधि को घटाकर छह माह कर दिया गया। ताकि अधिक संख्या में कांस्टेबल पुलिस विभाग में शामिल हो सकें। आरटीसी के प्रशिक्षण में सभी पहलू शामिल हैं। यह दो हिस्सों में होता है, इंडोर और आउटडोर। इंडोर में पढ़ाई को शामिल किया जाता है, जिसमें नियमों और विनियमों, आईपीसी, सीआरपीसी, साक्ष्य अधिनियम, पुलिस विनियमन अधिनियम, अनुशासन, कर्तव्य, मानवाधिकार, गिरफ्तारी, सम्मन, वारंट, पुलिस ड्रिल मैनुअल, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, मोटर वाहन अधिनियम, एससी-एसटी अधिनियम आदि के बारे में पढ़ाया जाता है। जबकि आउटडोर प्रशिक्षण में रिक्रूट कांस्टेबल की सभी शारीरिक गतिविधियां शामिल हैं।
कोट
कुशीनगर जनपद में अभी तक ज्वाइनिंग ट्रेनिंग कोर्स (जेटीसी) की सुविधा थी, लेकिन अब शासन की तरफ से रिजर्व ट्रेनिंग कोर्स (आरटीसी) की स्वीकृति मिल गई है। 200 कांस्टेबल यहां प्रशिक्षण ले सकेंगे। आने वाले समय में इनके लिए बैरक, शार्ट फायरिंग रेंज, गेम्स ट्रैक सहित अपेक्षित सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां आरटीसी की सुविधा हो जाने से पुलिस महकमा के पास 200 ऐसे रिक्रूट कांस्टेबल हमेशा उपलब्ध रहेंगे, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक तौर पर तैनात किया जा सकेगा। अभी जेटीसी में 220 का प्रशिक्षण चल रहा है, जिनमें 200 एक माह की अवधि पूरी होते ही आरटीसी में भेज दिए जाएंगे।
-विनोद कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक