पडरौना। कानपुर सुगर वर्क्स की बंद पड़ी पडरौना चीनी मिल को लेकर हाईकोर्ट का सख्त रुख बरकरार है। कोर्ट के आदेश पर चकबंदी और राजस्व विभाग के लेखपालों ने शुक्रवार को चीनी मिल की फिर से पैमाइश की। पहले दिन 5.780 हेक्टेयर जमीन की पैमाइश हुई।
गन्ना किसानों और कर्मचारियों के बकाये से लेकर पडरौना चीनी मिल की नीलामी तक का मामला हाईकोर्ट में है। पांच फरवरी को कोर्ट ने डीएम, एसडीएम, तहसीलदार सदर, उप निबंधक कार्यालय पडरौना के रजिस्ट्रार सहित कई लेखपालों को बुलाया था। शासन स्तर से भी कई अफसर कोर्ट पहुंचे थे। सूत्रों के अनुसार न्यायालय ने चार दिनों तक पडरौना चीनी मिल से जुड़े कई पहलुओं पर अफसरों से सवाल-जवाब के बाद मिल के अंतर्गत आने वाली आबादी, सीलिंग सहित संपूर्ण जमीन की पैमाइश कराने का आदेेश दिया। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में चकबंदी और राजस्व विभाग के लेखपालों से शुक्रवार को पडरौना चीनी मिल के जमीन की पैमाइश कराई गई। पैमाइश में शामिल लेखपालों ने बताया कि शुक्रवार को चीनी मिल के 11 गाटा की 5.780 हेक्टेयर जमीन नापी की गई। लेखपालों के साथ कानूनगो भी मौजूद थे। लेखपालों की एक टीम को अभिलेखागार से चीनी मिल से जुड़ी खतौनियों से जमीन का ब्यौरा एकत्र करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह काम पूरा होने के बाद सोमवार को हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश की जाएगी।