खेल के लिए कोच मिलें तो शिखर तक पहुंचें खिलाड़ी
कुशीनगर। जनपद को वजूद में आए 27 साल गुजर चुके हैं, लेकिन खेल की दिशा मे अपेक्षित सुविधाएं नहीं हो पाई हैं। खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए जिला स्टेडियम है और खेल कार्यालय भी, लेकिन आवश्यकता के अनुरुप कोच न मिल पाने की वजह से कई विधाओं में खेल प्रतिभाएं उभर नहीं पा रही हैं। अलबत्ता, जिन खेलों के प्रशिक्षक मिले, उनके खिलाड़ी कामयाबी के शिखर तक पहुंचे और अपनी झोली में मेडल भी लेकर लौटे हैं।
जिला स्टेडियम में तैराकी, हॉकी, हैंडबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, बैडमिंटन और फुटबाल की सुविधा उपलब्ध है। तैराकी का प्रशिक्षण देने के लिए खुद जिला क्रीड़ाधिकारी रवि कुमार निषाद और लाइफ सेवर ममता भारती उपलब्ध हैं। ओलंपिक साइज के यहां के तरणताल में स्वीमिंग का प्रशिक्षण पूर्व में दिया जाता रहा है, लेकिन कोरोना महामारी शुरू होने के बाद स्वीमिंग पूल में प्रशिक्षण बंद है। इसके अतिरिक्त हैंडबॉल के लिए दिवाकर मणि त्रिपाठी प्रशिक्षक के रूप में तैनात हैं। उनकी देख-रेख में करीब 25 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं।
राष्ट्रीय खेल हॉकी की बात करें तो इस महत्वपूर्ण खेल का कोई प्रशिक्षक तैनात नहीं है। यहां मार्च 2020 से ही किसी प्रशिक्षक की तैनाती नहीं हो पाई है। कबड्डी के कोच का चयन हो गया है, लेकिन उन्होंने अभी कार्यभार नहीं संभाला है। बॉक्सिंग में इस स्टेडियम से प्रशिक्षण लेकर पूर्व में कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा लिया है और मेडल भी जीते हैं, लेकिन इन दिनों यहां बॉक्सिंग का कोई कोच भी नहीं है। बैडमिंटन और फुटबाल की भी यही स्थिति है। ऐसी दशा में मौजूदा समय में इन खेलों में अच्छे खिलाड़ी नहीं उभर पा रहे हैं।
जिला क्रीड़ाधिकारी रवि कुमार निषाद ने बताया कि कोविड संक्रमण शुरू होने के बाद से ही नए कोच नहीं मिले हैं। तैराकी और हैंडबॉल के कोच उपलब्ध होने की वजह से नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है, लेकिन अन्य खेलों के प्रशिक्षण नहीं हैं। ऐसी दशा में कुछ सीनियर खिलाड़ी आकर खिलाड़यों को अभ्यास कराते हैं। उन्होंने बताया कि यहां प्रशिक्षण शुरू से होता है, इसलिए ऐसे खिलाड़ी पहले ही पहचान में आ जाते हैं कि वह आगे तक खेल पाएंगे या नहीं। उन्होंने बताया कि इस स्टेडियम से प्रशिक्षण लेकर डिंपल सिंह नाम की एक खिलाड़ी इंटरनेशनल एथलेटिक्स में के लांग रेस में हिस्सा ले चुकी है। एथलेटिक्स में बासुदेव निषाद व जुबैदा खातून राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा ले चुके हैं। उन्होंने बताया कि तैराकी और बॉक्सिंग में अच्छा प्रदर्शन करने वाले यहां के खिलाड़ियों की संख्या अधिक है। तैराकी में लगभग 25 तो बॉक्सिंग में भी लगभग 25 खिलाड़ी स्टेट और नेशनल गेम में हिस्सा ले चुके हैं।
मेजर ध्यानचंद की जयंती पर आज होगी जिला स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता-
पडरौना। हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद की जयंती रविवार को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जाएगी। इस अवसर पर खेल विभाग की तरफ से जिला स्टेडियम में 14 वर्षीय बालकों की जिला स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है।
इसकी जानकारी जिला क्रीड़ाधिकारी रवि कुमार निषाद ने दी। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में प्रत्येक प्रतिभागी को अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य से आय प्रमाण पत्र एवं आधार कार्ड की छाया प्रति साथ में लाना अनिवार्य है। प्रतियोगिता में विजेता व उपविजेता टीमों एवं निर्णायक को खेल विभाग की तरफ से आकर्षक पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
सुबह नौ बजे होगी क्रास कंट्री रेस
पडरौना। समर्थ नारी समर्थ भारत की पडरौना इकाई की तरफ से रविवार को सुबह नौ बजे से जवाहर नवोदय विद्यालय मिल्की रसूलपुर में बालिकाओं की क्रास कंट्री रेस होगी। पांच हजार मीटर की इस दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन मेजर ध्यानचंद की जयंती पर किया गया है। इसकी जानकारी संगठन की जिला संयोजिका अनीता सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि इस दौड़ में प्रतिभाग करने वाली बालिकाओं को पुरस्कृत किया जाएगा।