पात्र झोपड़ी में, अपात्र पा गए आवास
आर्थिक रूप से मजबूत लोगों को भी दे दिया लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
हाटा। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत हाटा नगरपालिका क्षेत्र में करीब 15 हजार आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से आधे से अधिक बन गए हैं, जबकि शेष निर्माणाधीन है। इतनी बड़ी संख्या में आवास स्वीकृत होने के बाद भी बहुत से ऐसे पात्र आवास योजना से वंचित हैं, जो झोपड़ी और कच्चे मकानों में जीवन यापन कर रहे हैं। वहीं बहुत से ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री आवास शहरी योजना का लाभ मिल चुका है, जिनके पास पहले से ही पक्के आवास हैं।
शहरी क्षेत्र के गरीबों को पक्का घर मुहैया कराने के लिए संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लग रहे हैं। हाटा नगरपालिका क्षेत्र के कई ऐसे गरीब परिवार हैं, जो बरसात में पानी टपकने वाले कच्चे घरों में रह रहे हैं। नगर पालिका के वार्ड नंबर-11 पटना मिश्रौली मोहल्ले की रहने वाली इंद्रावती देवी विधवा हैं। अपने परिवार के लोगों के साथ वह जिस घर में रहती हैं, उसे टीनशेड और प्लास्टिक से बनाया गया है। उसे रोकने के लिए बांस और लकड़ी के डंडों का सहारा लगाया गया है। इंद्रावती का कहना है कि हमने भी आवास के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक उसका कुछ पता नहीं चला। जब बारिश होती है तो पानी अंदर टपकता रहता है। उनका आरोप है कि हमारे ही मोहल्ले के कई ऐसे लोगों को आवास योजना का लाभ मिल गया है, जो पहले से ही पक्के मकान में रहते हैं। इसी मोहल्ले के रहने वाले जयराम कुशवाहा मजदूरी करते हैं और उनका 14 वर्षीय बेटा ठेले पर चाट बेचता है। पूरा परिवार टीनशेड वाले घर में रहता है। आवास योजना के लिए कई बार आवेदन किया, लेकिन जिम्मेदारों की नजर उन पर नहीं पड़ी। वहीं के रहने वाले केशव भी पेशे में मजदूर हैं। बाहर रहकर रोजी रोटी कमाते हैं। उनका परिवार उनकी बीमार मां के साथ टीनशेड में रहता है। आवेदन के बाद भी उन्हें आवास योजना की पात्रता सूची में जगह नहीं मिल पाई है। इस संबंध में एसडीएम प्रमोद कुमार तिवारी ने बताया कि लेखपाल और डूडा की टीम से मिली रिपोर्ट के आधार पर पात्रों की सूची बनती है। अगर कोई छूट गया है, तो उसके आवेदन की जांच कराई जाएगी।