एप के माध्यम से होगी परिषदीय स्कूलों की निगरानी
एप जेनरेट करने के लिए विभाग की तरफ से कोटक महिंद्रा बैंक को भेजा गया पत्र
पडरौना। परिषदीय स्कूलों में कायाकल्य योजना के तहत हो रहे कार्यों समेत विद्यालय की अन्य गतिविधियों पर विभाग की तरफ से नजर रखने की व्यवस्था बनाई जा रही है। इसके लिए विभ एप जेनरेट कर रहा है। इसके जेनरेट होने के बाद अधिकारियों के अलावा अभिभावक भी जिले के किसी भी स्कूल की मौजूद स्थिति के बारे में जानकारी ले सकेंगे।
जिले में 2464 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इसमें तैनात करीब सात हजार शिक्षकों पर इन विद्यालयों में नामांकित करीब तीन लाख छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की जिम्मेदारी है। सरकारी विद्यालयों में शैक्षिक माहौल बेहतर करने और अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कायाकल्प योजना के तहत स्कूल की चहारदीवारी, बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, बिजली कनेक्शन और उपकरण, शिक्षण कक्ष का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। कई बार गांव के लोग स्कूल में हो रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता समेत शिक्षकों पर विभिन्न तरह की लापरवाही का आरोप लगाते रहे हैं। इन समस्याओं को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग डीएम और सीडीओ के निर्देश पर एक एप जेनरेट करने जा रहा है।
इसके जेनरेट होने के बाद एप पर विद्यालय में उपलब्ध सभी संसाधनों के अलावा छात्र और शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की उपस्थिति आदि प्रतिदिन अपलोड किया जाएगा। यही नहीं एप को अभिभावक भी मोबाइल फोन में अपलोड कर विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों के अलावा अपने बच्चों के शैक्षिक गुणवत्ता के विषय में सुझाव अथवा शिकायत कर निस्तारण करा सकेंगे।
कोट
परिषदीय विद्यालयों में उपलब्ध संसाधन और अन्य निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए डीएम और सीडीओ की तरफ से एप जनरेट कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए कोटक महिंद्रा बैंक को पत्र भेजा गया है। एप जनरेट होने के बाद विद्यालयों की निगरानी करने में सहूलियत मिलेगी।
गौरव पांडेय, डीसी (निर्माण) बेसिक शिक्षा विभाग