भूमि अधिग्रहण के प्रयास से रेल लाइन निर्माण की जगी उम्मीद
तमकुहीरोड। डेढ़ दशक पुरानी छितौनी-तमकुहीरोड रेल परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण के प्रयास शुरू होने से इसके निर्माण की उम्मीद को बल मिला है। दो दिन पहले ठकरहा प्रखंड मुख्यालय पर आए रेलवे और भूअर्जन विभाग के अधिकारियों ने भूमि अधिग्रहण के लिए बातचीत की। इस परियोजना का साढ़े सात किमी हिस्सा ठकरहा प्रखंड में पड़ता है, जहां के 322 किसानों से भूमि अधिग्रहण किया जाना है।
यूपी और बिहार के दियारा क्षेत्र को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से तत्कालीन केंद्रीय रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने 20 फरवरी 2007 को इंटर कॉलेज छितौनी में 62.5 किमी लंबे तमकुहीरोड-छितौनी रेल परियोजना का शिलान्यास किया था। बाद की सरकारों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। हालांकि उसके बाद कई बार सर्वे का कार्य भी हुआ, लेकिन 14 साल बीत बाद भी भूमि अधिग्रहण का मामला लटका हुआ है। बिहार के ठकरहा प्रखंड में इस परियोजना का साढ़े सात किमी हिस्सा शामिल है। भूमि अधिग्रहण के लिए रेलवे व भूअर्जन विभाग की ओर से पहले ही 322 किसानों को नोटिस थमाया जा चुका है। दो दिन पहले पूर्वोत्तर रेलवे निर्माण विभाग गोरखपुर के अधिशासी अभियंता आरके सिंह और सेक्शन इंजीनियर बीके मिश्र सहित पश्चिमी चंपारण जिला के भूअर्जन विभाग के अधिकारी ठकरहा प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और भूअर्जन विभाग के प्रधान लिपिक अशोक तिवारी, सीओ ठकरहा प्रखंड चंद्रशेखर तिवारी, कनिष्ठ लिपिक प्रदीप सिंह, नाजीर अनीसुरहमान, अमीन सुरेंद्र कुमार शर्मा, रमेशचंद्र कपूर व जौहर अली आदि कर्मचारियों की मौजूदगी में भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों से भूअर्जन अधिनियम की धारा-20 के तहत सुनवाई की गई।
अधिकारियों ने किसानों से बताया कि भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों ने जो दस्तावेज विभाग में जमा कराए हैं, अगर उनके खाता, खेसरा व चौहदी में कोई त्रुटि हुई हो तो उसमें सुधार के लिए भूअर्जन अधिकारी पश्चिमी चंपारण को दोबारा आवेदन दे सकते हैं अथवा किसी किसान का नाम छूट गया है, उसे भी दर्ज करा सकते हैं। इस तरह कवायद शुरू होने से क्षेत्रीय लोगों में एक बार फिर तमकुहीरोड-छितौनी रेल परियोजना शुरू होने की उम्मीद जगने लगी है। रेल आंदोलनों से जुड़े सेवरही नगर पंचायत के चेयरमैन श्यामसुंदर विश्वकर्मा कहते हैं कि यूपी-बिहार के सीमावर्ती दियारा क्षेत्र को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए तमकुहीरोड-छितौनी रेल परियोजना को पूरा कराया जाना बेहद जरूरी है। व्यापारी नेता विजय कुमार देवड़ा, त्रिभुवन जायसवाल, अमरनाथ गुप्ता, लव जायसवाल, मायाशंकर निर्गुणायत, पप्पू जायसवाल, राहुल सोनी, विकास वर्मा, राजेश्वर गुप्ता आदि का कहना है कि क्षेत्र के विकास के लिए इस परियोजना का पूरा होना जरूरी है।
छितौनी और तमकुही के बीच होंगे चार स्टेशन
तमकुहीरोड। 62.5 किमी लंबे इस रेल परियोजना में 35.7 लाख घनमीटर मिट्टी कार्य के साथ 10 बड़े व 47 छोटे पुलों का निर्माण होना है। ट्रैक लिंकिंग के लिए 6500 मैट्रिक टन रेल व एक लाख से अधिक सीमेंटेड स्लीपरों का प्रयोग होगा। इस रेल लाइन पर छितौनी और तमकुहीरोड के बीच 15.55 किमी पर जटहा स्टेशन, 28.70 किमी पर मधुबनी रेलवे स्टेशन, 35 किमी पर धनहा स्टेशन, 38 किमी पर खैरा टोला स्टेशन और 49.70 किमी पर पिपरही स्टेशन का निर्माण प्रस्तावित है।