कसया। खजूर के अलावा रमजान में इस्तेमाल होने वाले सूखे मेवे जैसे बादाम, अखरोट, काजू, किशमिश और छुहाड़े रोजेदारों की पहली पसंद बने हुए हैं। इफ्तार के लिए लोग जलेबी, समोसा और पकौड़ी खरीद रहे हैं।
इफ्तार के लिए ठंडे शरबत और अलग-अलग तरह के ड्राई फ्रूट्स खरीदने वालों की संख्या बढ़ी है। रमजान माह की शुरुआत के साथ ही बाजारों में रौनक लौट आई है।
सेहरी और इफ्तार के लिए जरूरी सामान खरीदने के लिए लोग बाजार पहुंच रहे है। खासतौर पर खजूर की मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इसमें कलमी और कीमिया खजूर शामिल है। रमजान में खजूर की खास अहमियत होती है। पैगंबर मुहम्मद साहब भी इससे रोजा खोला करते थे। इसलिए रोजा खोलने के लिए इसे सबसे बेहतर और पारंपरिक माना जाता है। बाजारों में खजूर की कई किस्में देखने को मिल रही हैं। दुकानदार कन्हैया मद्धेशिया ने बताया कि दुकान पर जलेबी और पकौड़ी समोसा की बिक्री अधिक हो रही है।
अल्लाह की रजा के लिए रखते हैं रोजा : कसया। नगरवासी नबी हसन ने बताया कि अल्लाह की रजा के लिए आदमी एक माह तक रोजा रखता है। इसके अतिरिक्त हाथ, आंख, जुबान व कान का भी रोजा होता है। शरीर की सभी इंद्रियों का रोजा होता है।