पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के रायपुर व महराजगंज के मझौवा गांव के सामने छोटी गंडक नहर पर महराजगंज-कुशीनगर जोड़ने के लिए बना पुल एप्रोच न बनने से बेकार पड़ा है। करीब 10 वर्ष पहले 4.39 करोड़ चरर्व की बनाए गए इस पुल से चार वाहिया वाहनों की बात कौन कहे बाइक सवार भी नहीं जा पाते हैं। केवल साइकिल और पैदल राहगीर ही पुल को पार करते हैं।
सपा सरकार में वर्ष 2012-13 में छोटी गंडक नदी पर महराजगंज के मझौवा व कुशीनगर के रायपुर के सामने दोनों जनपदों को जोड़ने वाले पुल की स्वीकृति मिली। तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री ने इस पुल का शिलान्यास किया था। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण की ओर से वित्त वर्ष 2012-13 में स्वीकृत बजट 4.39 करोड़ की लागत से यह पुल दिसंबर 2014 में बन कर तैयार हुआ, लेकिन पुल की दोनों तरफ करीब 200 मीटर पक्की सड़क का एप्रोच नहीं बन पाया है।
नदी पर पहाड़ की तरह सिर्फ पुल बना कर छोड़ दिया गया। दोनों तरफ खेती करने वाले किसानों ने अपनी सुविधा के लिए कुछ मिट्टी डालकर कर पुल पार करने के लिए रास्ता बनाया है, लेकिन उस रास्ते सिर्फ पैदल राहगीर ही जा पाते हैं। साइकिल सवार को पुल पर चढ़ने के लिए साइकिल कंधे पर रखनी पड़ती है।
पुल का एप्रोच बनने से कुशीनगर के रायपुर, चंदन बरवा, मड़ार, विंदवलिया, फुलवरिया, देवतहा, बलुही, सिरसिया, रायपुर भैसही और महराजगंज जिले के मझौवा, रानीपुर, अहिरौली, शेषपुर, वंदी, बेलासपुर, गौरा दूबे, मुंडेरी, मटियरिया गांव के लोगों को महराजगंज व कुशीनगर जाने में सुविधा होती। साथ ही 15 किलोमीटर दूर घूम कर नहीं जाना पड़ता।
वहीं, महराजगंज पढ़ाने वाले बच्चों को समय और दूरी का बचत होती। क्षेत्र सत्येंद्र विश्वकर्मा, महेश विश्वकर्मा, डाॅ. रामाधार राजभर, शिब्बन शर्मा, पूर्व प्रधान विनोद गौतम, प्रेम, आशुतोष पांडेय, सत्यनारायण कुशवाहा, सुभाष मौर्या ने पुल का एप्रोच बनवाने की मांग की है।
ख