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हाटा विकास खंड के आंगनबाड़ी केंद्रों का हाल

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आवास बन गया है आंगनबाड़ी भवन
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लंबे समय से बंद हैं कई आंगनबाड़ी केंद्र
सीडीपीओ भी नहीं मिलीं अपने कार्यालय पर
संवाद न्यूज एजेंसी
हाटा। क्षेत्र के कई आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत काफी दयनीय है। मंगलवार को इनमें से चार केंद्रों पर न तो बच्चे मिले और न ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका ही मिलीं। एक आंगनबाड़ी भवन को तो बाकायदा एक परिवार ने अपना आवास ही बना लिया है। वहीं कुछ केंद्रों का ताला कई दिनों से नहीं खुलने की बात आसपास के लोगों ने बताई। हाटा सीडीपीओ को विकास खंड में कुल पंजीकृत बच्चों और आंगनबाड़ी भवनों की संख्या का ही पता नहीं है।
शासन की ओर से निजी विद्यालयों की तरह बच्चों को प्री-प्राइमरी की शिक्षा देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था को भी हाईटेक करने करने की बात कही जा रही है। इसी उद्देश्य से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मॉर्टफोन देने से लेकर उन्हें अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, लेकिन अभी भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से लेकर ब्लॉक स्तर के अधिकारी अपने दायित्वों को लेकर गंभीर नहीं दिख रही हैं। कोरोना महामारी को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को बुलाने के लिए सोमवार और बृहस्पतिवार का दिन निर्धारित किया गया है। हाटा क्षेत्र के बलडीहा प्राथमिक विद्यालय परिसर में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर सुबह करीब साढे़ दस बजे ताला बंद था। केंद्र की हालत देखकर ऐसा लग रहा था कि वह काफी दिनों से खुला नहीं है। आंगनबाड़ी केंद्र ढाढ़ा बुजुर्ग-प्रथम पर भी ताला बंद था। पूरे परिसर में गंदगी का अंबार लगा था। यहां आसपास के लोगों ने बताया कि केंद्र पर न तो कार्यकर्ता आती हैं और न ही बच्चे आते हैं। मिश्र ढाढ़ा का आंगनबाड़ी केंद्र भी प्राथमिक विद्यालय परिसर में है। इस पर काफी दिनों से ताला बंद है। लोगों ने बताया कि यहां तैनात कार्यकर्ता कभी-कभी आती हैं। बच्चे तो कोरोना काल से ही नहीं आते हैं। अक्सर केंद्र पर ताला बंद रहता है। आंगनबाड़ी केंद्र बलडीहा के पास की रहने वाली जगवंता देवी ने बताया कि यह आंगनबाड़ी केंद्र कभी खुलता नहीं है। केंद्र के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। ढाढ़ा बुजुर्ग तृतीय के पास टॉफी, चूरन बेचने वाली सबरी देवी ने बताया कि यहां काफी समय से बच्चे नहीं आते हैं। भवन खाली था तो गांव के ही एक गरीब व्यक्ति का परिवार इसी में रहता है। ढाढ़ा बुजुर्ग प्रथम के बारे में देवेंद्र पांडेय ने बताया कि इस केंद्र की कार्यकर्ता कभी भी इस केंद्र पर नहीं आती हैं। मिश्र ढाढ़ा के रहने वाले गिरजेश राव ने बताया आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कभी-कभी ही दिखती हैं। विभाग से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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आंगनबाड़ी भवन को बना दिया आवास
हाटा वैसे तो बाल विकास विभाग के पास आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों की काफी कमी है। इस कारण अधिकांश केंद्र प्राथमिक विद्यालयों और पंचायत भवनों में संचालित होते हैं, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र ढाढ़ा बुजुर्ग-तृतीय के भवन को आवास बना दिया गया है। बताया गया कि यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नहीं आती हैं। इस कारण एक व्यक्ति ने उसे अपना आवास बना लिया है। लोगों ने पूछने पर बताया कि कई माह से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को नहीं देखा गया है।
कोविड में केंद्र बंद होने की वजह से परेशानी हुई है। कई केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद खाली होने से भी संचालन में दिक्कतें आ रही हैं।
प्रत्युष चंद्रा, सीडीपीओ हाटा
आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या 263
219 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कार्यरत
खुद के भवनों की संख्या 44
पंजीकृत छात्र 18873
पंजीकृत गर्भवती महिलाएं 2199
धात्री की संख्या 2280
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