राजकीय कर्मचारी का दर्जा दिलाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की सदस्यों ने बृहस्पतिवार को भी कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दिया। इनका कहना था कि जब तक शासन-प्रशासन उनकी मांगें मान नहीं लेता, तब तक हड़ताल और धरना जारी रहेगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं बुधवार को सुबह दस बजे कलेक्ट्रेट के बाहर एकत्र हुईं और धरना पर बैठ गईं। इनका कहना था कि दो सितंबर से ही धरना प्रदर्शन और चक्का जाम किया जा रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन इसे जान बूझकर नजरअंदाज कर रहा है।
इनकी मांग थी कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को राजकीय कर्मचारी का दर्जा दिए जाने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नति, सात महीने से बकाया मानदेय दिलाने और पांच वर्ष से एक ही स्थान पर तैनात निदेशक को हटाने सहित 24 मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम किया जा रहा है।
इस दौरान धरना की अगुवाई कर रही जिलाध्यक्ष कौशिल्या सिंह के साथ ब्लॉक अध्यक्ष प्रभावती शर्मा, ब्लॉक महासचिव अनुराधा श्रीवास्तव, रमावती सिंह, सुशीला देवी, संध्या श्रीवास्तव, आशा श्रीवास्तव, प्रीती सिंह, सुनीता यादव, बासमती देवी, निर्मला देवी, लालमती सिंह, मीरा श्रीवास्तव, विमला देवी आदि मौजूद थीं।