पडरौना। दो सितंबर से ही कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सुनवाई न होने से नाराज होकर बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग उत्तर प्रदेश के डायरेक्टर का ही प्रतीकात्मक पुतला जलाया। सीडीपीओ कार्यालय पर इनका धरना-प्रदर्शन अब भी जारी है।
नित्य की भांति सोमवार को भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं सीडीपीओ पडरौना के कार्यालय पर एकत्र हुईं और सुबह दस बजे से धरने पर बैठ गईं। इनका कहना था कि मजदूरों की मजदूरी 350 रुपये तक हो गई है, लेकिन मानदेय बढ़ाने के नाम पर सरकार का कोई प्रयास नहीं है। इन लोगों ने यह भी कहा कि कम मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। क्योंकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय अब तक 108 रुपये और सहायिकाओं का 54 रुपये ही है। धरने के बाद इन लोगों ने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग उत्तर प्रदेश के डायरेक्टर का प्रतीकात्मक पुतला जलाकर अपना विरोध जताया। इस दौरान जिलाध्यक्ष कौशिल्या सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष प्रभावती शर्मा, ब्लॉक महासचिव अनुराधा श्रीवास्तव, रमावती सिंह, सुशीला देवी, संध्या श्रीवास्तव, आशा श्रीवास्तव, प्रीती सिंह, सुनीता यादव, बासमती देवी, निर्मला देवी, लालमती सिंह, मीरा श्रीवास्तव, विमला देवी आदि मौजूद थीं।
नहीं उतरने दिया पोषाहार
दुदही। महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सोमवार को 18वें दिन भी सीडीपीओ कार्यालय पर धरना दिया । नाराज महिलाओं ने सीडीपीओ कार्यालय पर आए पोषाहार को ट्रक से उतरने नहीं दिया। ब्लॉक अध्यक्ष उषा शर्मा की अगुवाई में आंदोलन कर रहीं इन महिलाओं का कहना था कि जब तक मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान गायत्री गुप्ता, कृष्णावती राय, गुडलेश राय, गंगाजलि, मंजू मिश्रा, अंकिता राय, रीता वर्मा, सुनीता पटेल, सुशीला कुशवाहा, दुर्गावती, उर्मिला देवी, रेनू देवी, पुष्पा देवी, हेमलता मिश्रा, रिंकू ,इंदू, रीमा, सीमा, सुशीला, मालती, सुगांती, मीरा, संध्या, निर्मला, रिंकी खरवार, रेनू मिश्रा आदि मौजूद रहीं।