सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब पांच महीने पहले लगाई गई नई डिजिटल एक्स-रे मशीन खराबी की वजह से करीब डेढ़ महीने तक बंद पड़ी रही। 15 दिन पहले मशीन दुरुस्त हुई तो अब नई मुसीबत खड़ी हो गई है। एक्स-रे के बाद इससे निकलने वाली फिल्म इतनी धुंधली रहती है कि मर्ज का पता ही नहीं चल पाता। इस वजह से मशीन फिर से बंद कर दी गई है। एक्स-रे नहीं होने से मरीज परेशान हैं।
सीएचसी सरसवां को करीब पांच महीने पहले नई डिजिटल एक्स-रे मशीन मिली थी। कक्ष तैयार करने के करीब डेढ़ महीने बाद यह मशीन इंस्टॉल की गई थी, फिर इसमें कुछ न कुछ खराबी आती ही रही। करीब दो महीने पहले भी तकनीकी खामी के कारण यह मशीन बंद हो गई थी। 15 दिन पहले इसे दुरुस्त कराया गया। उस वक्त तो जांच होने लगी, लेकिन इंजीनियर के जाने के बाद फिर गड़बड़ी आ गई।
इस बार एक्स-रे फिल्म की प्रिंटिंग की कमी है। मशीन से एक्स-रे रिपोर्ट की जो फिल्म निकलती है, वह स्पष्ट नहीं रहती। इस वजह से चिकित्सक मरीजों की बीमारी ही नहीं पकड़ पाते। इस समस्या को देखते हुए अफसरों के निर्देश पर टेक्निशियन ने फिर से एक्स-रे मशीन बंद कर दी है। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों के साथ एक्स-रे मशीन की मरम्मत करने वाली कंपनी को दी गई है। कंपनी अधिकारियों के मुताबिक अब मशीन दुरुस्त होने में करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है।
अभी जांच कराने मंझनपुर जाते हैं मरीज
सीएचसी में लगभग 25 तो ब्लॉक स्तरीय पीएचसी में रोज लगभग 125 मरीज आते हैं। इनमें से लगभग आठ से 10 मरीजों को एक्स-रे कराने की सलाह दी जाती है। ऐसे में मरीजों को जांच के लिए मंझनपुर जाना पड़ता है। दौड़भाग की वजह से तमाम रोगी एक्स-रे ही नहीं कराते।
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कड़ा और करारी में मशीन नहीं तो मूरतगंज में चालू होना बाकी
जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मूरतगंज व करारी में लगभग डेढ़ महीने पहले नई मशीन आई थी, जो अब तक चालू नहीं हो पाई है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कड़ा को अभी तक एक्स-रे मशीन नहीं मिली है। इसके अलावा चायल, कनैली, सरायअकिल, सिराथू सीएचसी में एक्स-रे हो रहा है।
एक्स-रे मशीन बन तो गई थी, लेकिन इससे निकलने वाली फिल्म साफ नहीं रहती है। इस वजह से मरीजों के रोग का पता नहीं चलता। इसलिए, मशीन का प्रयोग बंद कर दिया गया है। दोबारा इंजीनियर बुलाए गए हैं। एक सप्ताह के अंदर मशीन शुरू हो जाएगी।
डॉ. प्रसून जायसवाल,
अधीक्षक, सीएचसी सरसवां