राम प्रसाद ने शांती देवी को इलाज के लिए एंबुलेंस से सीएचसी इस्माइलपुर में भर्ती कराया। शांती के बेटे रामसजीवन को भी खबर दी गई। सूचना पर पहुंचे राम सजीवन ने बताया शनिवार रात 10 बजे मां गुस्से में आकर कहीं चली गई थी। इसके बाद सुबह उनके कंथुवा में मिलने की जानकारी मिली। समोपुर से कंथुवा की दूरी करीब 40 किलोमीटर है। ऐसे में एक बुजुर्ग महिला लकड़ी के गट्ठर के सहारे रात भर पानी में तैरती रही और सकुशल है, लोग इसे कुदरत का करिश्मा ही मान रहे हैं। समाजसेवी रणविजय निषाद बताते हैं जाको राखे साइयां मार सके न कोय...।
बचपन से ही तैराकी में शांती को थी महारत
शांती निषाद के सकुशल बरामद होने के बाद सीएचसी इस्माइलपुर पहुंचे उनके बेटे राम सजीवन बताते हैं कि अक्सर ननिहाल में चर्चा होती कि उसकी मां कई-कई किलो मीटर गंगा में तैयारी करती थी। गंगा किनारे रहने के कारण मुख्य पेशा मछलियों का भी था। इस वजह से परिवार के ज्यादातर सदस्यों को तैराकी आती है। पर, इस उम्र में 40 किलोमीटर सकुशल तैर आना ताज्जुब की बात है।