भरवारी। वार्ड नंबर नौ सुभाष चंद्र बोस नगर स्थित प्राथमिक विद्यालय दरियापुर मझियावां को कायाकल्प का इंतजार है। मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे इस स्कूल में बच्चों के साथ शिक्षकों को भी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। स्कूल की बदहाली का मुद्दा उठाने पर नगर पालिका परिषद की ओर से कोरा आश्वासन दिया जाता है। इसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
शासन की ओर से परिषदीय स्कूलों की दशा सुधारने के लिए कायाकल्प अभियान चलाया गया है। इस अभियान ने ग्रामीण अंचल के तमाम स्कूलों को चमका दिया, लेकिन नगर पालिका परिषद क्षेत्र में आने वाले प्राथमिक विद्यालय दरियापुर मझियावां की तस्वीर नहीं बदली। इस स्कूल में 129 बच्चे पंजीकृत हैं। स्कूल परिसर में शौचालय का निर्माण अधूरा है। इस पर तीन लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें अभी सीट नहीं लगाई गई। पहले से एक शौचालय बना है, लेकिन वह जर्जर हो चुका है। हैंडपंप तो लगा है, लेकिन इसका पानी पीने के योग्य नहीं।
दिव्यांगों के लिए शौचालय नहीं बनवाया गया। स्कूल के तीन कमरों में टाइल्स नहीं लगे, फर्श भी टूटी हुई है। बारिश के समय पूरे परिसर में जलभराव हो जाता है। मिट्टी भरवाकर परिसर में इंटरलॉकिंग लग जाए तो समस्या से छुटकारा मिल सकता है। इसकी तरफ भी अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। कायाकल्प अभियान में तमाम स्कूल चमक गए, जबकि यहां पर रंगरोगन भी नहीं कराया गया। जब कभी इन अव्यवस्थाओं का मुद्दा उठता है तो नगर पालिका परिषद की ओर से बजट का संकट बताकर पीछा छुड़ा लिया जाता है। स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक सतीश पांडेय ने बताया कि शौचालय, पेयजल, इंटरलॉकिंग, रैंप बनवाने की मांग नगर पालिका परिषद से की गई है। 17 अक्तूबर को इस संबंध में ज्ञापन दिया गया था, जिसमें केवल आश्वासन मिला। समस्याएं अब तक दूर नहीं हुईँ।
प्राइमरी स्कूल को कायाकल्प योजना का लाभ नहीं मिला। शौचालय की हालत अत्यंत दयनीय है। पेयजल की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। हैंडपंप का पानी पीने योग्य नहीं है। हर तरफ गंदगी का अंबार है। इस माहौल में बच्चों की सेहत बिगड़ सकती है।-बिंदेश्वरी प्रसाद, दरियापुर मझियावां
प्राइमरी स्कूल के कायाकल्प के नाम पर महज खानापूरी हो रही है। मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी जिम्मेदार दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। ऐसे में बच्चों के साथ शिक्षकों को भी तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शिक्षा का माहौल नहीं बन पा रहा है।-मदन लाल, दरियापुर मझियावां
योजना के तहत सभी विद्यालयों का कायाकल्प कराया जा रहा है। कई स्कूल ऐसे भी हैं जहां पर कुछ कार्य होने बाकी हैं। बजट की कमी से यह कार्य रुके हुए हैं। बजट मिलते ही यह कार्य पूर्ण कराए जाएंगे। अगर, कहीं पर ठेकेदारों ने मनमानी करते हुए काम अधूरा छोड़ा है तो उन पर कार्रवाई होगी।- दीपेंद्र यादव, एसडीएम, नगर प्रशासक