सैनी कोतवाली के कमंगलपुर गांव के समीप शनिवार रात तेज रफ्तार क्रेन की चपेट में आकर रेहड़ी दुकानदार की मौत हो गई। घटना के बाद क्रेन चालक गाड़ी छोड़कर मौके से भाग निकला। हादसे की जानकारी होने पर स्थानीय लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने क्रेन को कब्जे में लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सैनी कोतवाली के थुलगुला निवासी शीतला प्रसाद गुप्ता का बेटा शशिकांत उर्फ लाला (42) फुटपाथ पर लाई-चना का ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। शनिवार को शशिकांत ने सैनी में अपना ठेला लगाया था। रात करीब आठ बजे वह ठेला लेकर पैदल घर आ रहा था। जैसे ही वह कमंगलपुर गांव के समीप पहुंचा तभी क्रेन ने उसे टक्कर मार दी। घटना में शशिकांत की मौके पर ही मौत हो गई।
उधर गांव के समीप ही हुए हादसे की खबर पर तमाम लोग मौके पर पहुंचे। लोगों से खुद को घिरता देख क्रेन चालक गाड़ी छोड़कर भाग निकला। घटना से आक्रोशित लोगों ने सैनी-लेहदरी मार्ग पर जाम लगाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए लोगों को हटा दिया। घटना से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है। मृतक की पत्नी अंजना की तहरीर पर पुलिस ने क्रेन चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, घर में रोटी का संकट
क्रेन की चपेट में आकर शशिकांत की मौत के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम है। शशिकांत की करीब पांच साल पहले अंजना से शादी हुई थी। शादी के बाद दो बच्चे अनमोल (3) व तीन माह की बेटी हैं। शशिकांत के पास खेती योग्य भूमि नहीं है। पत्नी का कहना है उसे किसी तरह की सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलता है। शशिकांत ही ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करता था।
समाजसेवी की बताई जा रही क्रेन
शशिकांत की मौत का सबब बनी क्रेन कड़ा इलाके में रहने वाले एक समाजसेवी की बताई जा रही है। यह समाजसेवी सरकारी स्कूल में शिक्षक भी है। बताया जाता है कि उसने हाईवे पर पिलर उठाने के लिए अपनी क्रेन किराए पर लगा रखी थी। स्थानीय लोगों के अनुसार समाजसेवी की क्रेन इन दिनों सैनी में अतिक्रमण हटाने में लगी थी।