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Kaushambi News: दूसरों को इलाज करने वाला यूनानी चिकित्सालय खुद बीमार

Sun, 03 Aug 2025 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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राजकीय यूनानी चिकित्सालय करारी में मौजूद चिकित्सक व बगल में पड़ा बेड। - फोटो : महिलाओं को योग सिखातीं प्रीति।
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करारी। कस्बे में किराये के भवन में चल रहा राजकीय यूनानी चिकित्सालय खुद बीमार है। सुविधाओं, संसाधनों के अभाव में मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इलाज तो दूर लोग यूनानी अस्पताल का ठिकाना तक नहीं जानते हैं।
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करारी कस्बे में मुख्य चौराहा के पास मंझनपुर रोड पर राजकीय यूनानी अस्पताल खुला है। किराये के एक कमरे में संचालित अस्पताल की दीवारों की रंगाई-पोताई तो दूर, प्लास्टर तक नहीं है। बिजली के तार की खुली वायरिंग है। अस्पताल में एक अदद शौचालय तक नही हैं। चार बेड वाले इस अस्पताल में सिर्फ एक बेड दिखाई दिया। बेड पर बिना चादर के एक गद्दा पड़ा दिखा। स्टॉफ के नाम पर सिर्फ एक चिकित्सक डॉ. फरीदउद्दीन व एक वार्ड बॉय सत्यनारायन मौजूद मिले।
फार्मासिस्ट, सफाईकर्मी व चौकीदार की यहां पोस्टिंग ही नहीं हुई है। कस्बे के सुनील चौधरी, कन्हई जायसवाल व श्यामू अग्रहरि ने बताया कि शुरुआती समय में इस अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ व दवा की व्यवस्था थी लेकिन समय बीतने के साथ ही सुविधाओं पर ग्रहण लग लगा।
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कागजों में हो रहा इलाज
कागजों में यहां रोजाना 30 से 40 मरीजों की ओपीडी होती है। आरोप है कि फर्जी ओपीडी दर्ज कर मरीजों के हिस्से की दवाओं का गोलमाल किया जा रहा है।

किराये के कमरे में संचालित होने की वजह से दिक्कत है। शासन की तरफ से सिर्फ दो हजार मासिक किराया तय है। इस धनराशि में कोई दूसरा भवन नहीं मिल रहा है। नया भवन बनवाने के लिए भी जमीन की तलाश की जा रही है। पैरामेडिकल स्टॉफ की तैनाती के लिए निदेशालय को पत्राचार किया गया है।डॉ. अक्षय लाल, आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी
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