जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के करीब 1000 संविदा कर्मियों का अगस्त माह का मानदेय रुका हुआ है। समय से मानदेय न मिलने के कारण जहां कर्मचारी परेशानियों से जूझ रहे हैं, वहीं स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ना शुरू हो गया है। पोर्टल अपडेटिंग की तकनीकी दिक्कतों के चलते भुगतान नहीं हो पा रहा है जिससे कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
मानदेय न मिलने से डॉक्टर, फार्मासिस्ट, एएनएम, स्टाफ नर्स, नेत्र सहायक, फिजियोथेरेपिस्ट, डेंटल हाईजिनिस्ट, सीएचओ, लैब टेक्नीशियन (एलटी) समेत प्रबंधकीय विभाग के कर्मचारी परेशान हैं। संविदा पर कार्यरत ये सभी स्वास्थ्यकर्मी परिवार के भरण-पोषण और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ हो रहे हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के मंडल अध्यक्ष प्रयागराज अवनीश मिश्र ने बताया कि मानदेय भुगतान में देरी की मुख्य वजह पोर्टल अपडेटिंग की समस्या है। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और संभावना है कि इसी माह की 20 तारीख तक सभी कर्मचारियों का मानदेय जारी हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती के लिए एनएचएम के संविदा कर्मचारी लगातार मेहनत कर रहे हैं लेकिन समय से मानदेय न मिलने के कारण उनका मनोबल टूट रहा है। यदि समस्या जल्द नहीं सुलझी तो स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। संविदा कर्मियों का कहना है कि बच्चों की फीस, मकान का किराया, दवाइयों और अन्य घरेलू खर्च पूरे करने में कठिनाइयां बढ़ गई हैं।
जिले में करीब 1000 संविदा कर्मियों का अगस्त माह का मानदेय पोर्टल अपडेटिंग की समस्या के चलते रुका है। संगठन लगातार प्रयास कर रहा है और उम्मीद है कि इसी माह की 20 तारीख तक भुगतान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मानदेय न मिलने से कर्मचारियों को काफी परेशानियां हो रही हैं। इसे शासन-प्रशासन को गंभीरता से लेना चाहिए।
- अवनीश मिश्र, मंडल अध्यक्ष, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ प्रयागराज