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एसएनसीयू वार्ड में स्टॉफ नर्स नहीं होने पर तीमारदार गुस्साए

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एसएनसीयू वार्ड में स्टॉफ नर्स नहीं होने पर बिफरे तीमारदार
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एक स्टॉफ नर्स के भरोसे शुक्रवार को भर्ती किए गए थे 16 नौनिहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती बच्चों की देखभाल रात के वक्त भगवान भरोसे रहती है। शुक्रवार रात वार्ड में 11 बेड के सापेक्ष 16 बच्चों को भर्ती किया गया था, लेकिन उनकी देखभाल का जिम्मा सिर्फ एक मेल (पुरुष) स्टॉफ नर्स के भरोसे था। रात को एक बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ने पर अफरा-तफरी मच गई। भर्ती मरीजों के तीमारदारों ने हंगामा किया और जिलाधिकारी समेत अन्य अफसरों को फोन कर लापरवाही की जानकारी दी। इसके बाद चिकित्सक पहुंचे तब जाकर मामला शांत हुआ।
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एसएनसीयू वार्ड में आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी लगती है। शुक्रवार को वार्ड में 16 बच्चे थे। रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक स्टॉफ नर्स राम नरेश व संजना चौधरी की ड्यूटी थी। राम नरेश ड्यूटी पर था, लेकिन संजना नहीं पहुंची। रात दस बजे के करीब जिलापूर्ति कार्यालय में कार्यरत दिनेश यादव के बच्चे की तबीयत अचानक खराब हो गई। इससे राम नरेश परेशान हो रहा था। उसे अन्य बच्चों को भी देखना था। बताया जाता है कि दिनेश ने संजना चौधरी का नंबर लेकर फोन कर उससे ड्यूटी पर नहीं आने का कारण जानना चाहा। आरोप है कि संजना ने अपशब्दों का प्रयोग किया। इसके बाद अन्य भर्ती बच्चों के तीमारदार भी भड़क उठे। उधर मामले की जानकारी प्रभारी सीएमएस, सीएमओ व जिलाधिकारी को दी गई। प्रभारी सीएमएस के कहने पर रात को ही डॉ. विवेक केसरवानी वार्ड पहुंचे और एक तरफ से सभी बच्चों का चेकअप किया। इसके बाद तीमारदार शांत हुए। इस बाबत प्रभारी सीएमएस डॉ. अरविंद कनौजिया का कहना है कि एक स्टॉफ नर्स नहीं आई थी। इसे लेकर तीमारदारों ने हंगामा किया था। बाद में सभी को संतुष्ट कर दिया गया है। स्टॉफ नर्स से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।
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