जिला मुख्यालय के चौराहे की सड़क पटरियों को टेंपो वालों ने वाहन स्टैंड बना रखा है। चालक आड़ा-तिरछा वाहनों को खड़ा करके सवारियों का इंतजार करते रहते हैं। टेंपो चालकों की इस मनमानी से चौराहे पर रोजाना जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि कई बार एसडीएम और इंस्पेक्टर मंझनपुर कोतवाली से शिकायत भी की गई। फिर भी समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है।
सड़क पटरी पर दुकानदारों और वाहन चालकों के कब्जे की समस्या जिलेभर की बाजारों में नासूर बनी हुई है। मंझनपुर चौराहे पर ही देखें तो सभी सड़क पटरियों पर सुबह होते ही दुकानदार, ठेले वालों और टेंपो चालकाें का कब्जा हो जाता है। इस कब्जे से राहगीरों को रोजाना जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी तो टेंपो चालकों की मनमानी से है। वे आधी सड़क तक आड़े-तिरछे वाहनों को खड़ा करके सवारियों का इंतजार करते रहते हैं। इससे करारी, सिराथू और समदा मार्ग से आने-जाने वाले बड़े और छोटे वाहनों को दिक्कतें होती हैं। चौराहे पर दो वाहनों के एक साथ आते ही जाम की समस्या खड़ी हो जाती है।
सबसे अहम यह है कि मंझनपुर चौराहे पर सुबह यातायात पुलिस की ड्यूटी भी रहती है। पर, ट्रैफिक पुलिस के सिपाही ड्यूटी के नाम पर किसी चाय-पान की दुकान पर बैठे तमाशबीन ही बने रहते हैं। मंझनपुर कस्बे के रहने वाले रामचंद्र, केशवलाल, विजय कुमार अग्रहरि, शिवबाबू आदि ने बताया कि कई बार उपजिलाधिकारी, सीओ और इंस्पेक्टर मंझनपुर से शिकायत भी की गई। इसके बाद भी सड़क पटरी पर अतिक्रमण की समस्या से निजात नहीं दिलाई जा रही है। बता दें कि सड़क पटरियों पर कब्जे से जाम की ऐसी ही समस्या सिराथू, भरवारी, अजुहा, देवीगंज, मूरतगंज, चायल, सरायअकिल, करारी, टेंवा आदि बाजारों में भी है।